प्लास्टिक की बोतल में मिलता रहेगा पानी: पासवान

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को कहा कि एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का विकल्प ढूंढ़े जाने तक प्लास्टिक की बोतल में पानी मिलता रहेगा।

लोगों की पहुंच में होना चाहिए प्लास्टिक का विकल्प

पासवान ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि “एक बार इस्तेमाल होने वाली पानी की बोतल का विकल्प खोजा जा रहा है। अभी पानी के बोतल का जो विकल्प बताया जा रहा है वह महंगा है। उसकी कीमत इस तरह होनी चाहिए कि आम लोग उसे खरीद सकें। उन्होंने कहा कि एकाएक पानी की बोतल पर रोक नहीं लगाई जा सकती क्योंकि इससे जुड़े उद्योग बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं।”

उन्होंने कहा कि “प्लास्टिक की पानी की बोतल सरकारी कार्यालयों में बंद कर दिया गया है और धीरे धीरे इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। प्लास्टिक बोतलों का निर्माण करने वाली निजी क्षेत्र की कम्पनियों ने कुछ सुझाव दिए हैं जिस पर विचार किया जा रहा है। नौ राज्यों और दो केन्द्र शासित क्षेत्रों ने प्लास्टिक पर पहले ही रोक लगा रखी है।

हर साल पैदा 95 लाख टन प्लास्टिक कचरा

पासवान ने पर्यावरण के लिए प्लास्टिक को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि देश में प्रति साल 95 लाख टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। इसमें से 38 लाख टन एक बार इस्तेमाल किए जाने वाला कचरा है जो नदियों या समुद्र में बह जाता है या इसे मवेशी खा जाते हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल में प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को जलाने पर वायु प्रदूषण होता है और सांस की बीमारी होती है। एक अनुमान के अनुसार 2022 तक प्लास्टिक की खपत दोगुनी हो जाएगी।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक पर दो अक्टूबर से रोक लगाने का आग्रह किया था। जिसके तहत बहुत से सरकारी कार्यालयों में प्लास्टिक की बोतल पर बैन लगा दिया गया है। यूपी में विधानसभा के साथ कई कार्यालयों में पानी की प्लास्टिक की बोतल पर बैन लगा दिया गया है।

चीयर्स डेस्क

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