पेशी पर बंदियों के साथ छलकाए जाम

वैसे तो कैदियों संग पुलिस वालों का शराब पीना कोई नई बात नहीं है आए दिन कुछ न कुछ सुनने को मिल ही जाता है। ताज़ा मामला छत्तीसगढ़ का है,जहाँ संगीन मामलों में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों की पेशी कराने ले जाते समय सिपाहियों पर शराब पीने का आरोप लगा है। आरोप है कि कैदियों को न्यायालय की हवालात में बंद करने के बाद दो सिपाही गायब हो गए और जब वापस आए तो शराब के नशे में थे। पेशी से वापस आने के बाद हेड कांस्टेबल ने इस मामले में रोजनामचा में वापसी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है। दोनों सिपाहियों से स्पष्टीकरण लिया गया है जिसे अब प्रतिवेदन के लिए पुलिस अधीक्षक को भेजा जा रहा है। इसके बाद ही कार्यवाही तय होगी।

सेंट्रल जेल बिलासपुर से पांच विचाराधीन कैदी जिनमें लूट का आरोपी सुनील रजक पिता विजय रजक, जितेन यादव पिता अर्जुन यादव, लूट तथा मारपीट के आरोपी रमेश बाबा पिता बुधराम, आर्म्स एक्ट का आरोपी शुभम वर्मा पिता अभिमन्यु और चेतनदास को बिल्हा कोर्ट में पेशी के लिए पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल राजेन्द्र सिंह बैच नम्बर 356, कांस्टेबल दिलीप वैष्णव न.90, नानूराम डहरिया न. 115 तथा रवि वानखेड़े न. 157 गए थे। पेशी के दौरान इन सिपाहियों ने शनिचरी बाजार में गाड़ी रोककर शराब पी और बाद में कैदियों को न्यायालय में पेश किया। हालांकि पुलिस अधिकारियो का कहना है कि न्यायालय पहुंचने के बाद पुलिस लाइन के बल ने कैदियों को हवालात में दाखिल कर दिया। इसके बाद कांस्टेबल दिलीप वैष्णव तथा नाथूराम वहां से गायब हो गए।

कैदियों की पेशी कराने के बाद जब वापस ले जाने का समय आया तो दिलीप तथा नाथूराम कहीं नजर नहीं आए। कुछ देर बाद दोनों सिपाही नशे की हालत में कोर्ट पहुंचे। कैदियों को सेंट्रल जेल में दाखिल कराने के बाद बल जब लाइन पहुंचा तो वापसी रिपोर्ट में रोजनामचा में इसका उल्लेख कर दिया गया।

चीयर्स डेस्क 

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