पीने के पानी ने गांववालों को बनाया अपंग

झारखंड के पलामू जिले में एक गांव ऐसा है जहां लोगों की जिंदगी ज्यादा लंबी नहीं होती। हालात इतने खराब हैं कि सरकार ने भी यहां के लोगों को गांव छोड़ने की सलाह दी, लेकिन उनका कहना है कि हम सभी लोग विकलांग हो गए हैं और ऐसे में कहीं और ठीकाना कैसे बना पाएंगे।  चुकरू गांव के ग्रामीणों का दावा है कि पीने के पानी में फ्लोराइड की मौजूदगी से गांव के लोगों में शारीरिक अक्षमता बढ़ रही है। बड़ी संख्‍या में यहां के लोग अपंग हो गए हैं। एक ग्रामीण राजेश्वर पाल बताते हैं कि दूषित पानी ने हमारी हड्डियों को बुरी तरह से टेढ़ा-मेढ़ा कर दिया है। लगातार फ्लोराइड मिश्रित पानी पीने से हमारी दांतों को नुकसान पहुंचा है। यहां अपंगता के कारण कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं।

ग्रामीण राजेश्वर पाल की शब्‍दों में कहें तो यहां के वे सबसे बजुर्ग व्‍यक्ति हैं। उनकी उम्र 69 साल है। बताया गया कि पिछले 25 वर्षों से गांव वाले इस बड़ी समस्‍या से दो-चार हो रहे हैं। गांव में अभी कोई भी व्‍यक्ति 50 साल से ऊपर का नहीं है। पीने के शुद्ध पानी के लिए किए गए सरकारी प्रयासों के बारे में उन्‍होंने कहा कि सरकार ने हमें यह जगह छोड़ने का सुझाव दिया है। लेकिन, हम सभी विकलांग हैं। हम कहीं और कैसे अपनी जिंदगी चला सकते हैं?

कई लोगों की हो चुकी है मौत, दर्जनों प्रभावित

दिव्यांगता के कारण चुकरू पंचायत के नेवाटीकर निवासी 45 वर्षीय दशरथ उरांव, 50 वर्षीय जय गोपाल, 40 वर्षीय नरेश उरांव आदि की मौत हो चुकी है। गांव के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण 70 प्रतिशत घरों के लोग दिव्यांगता के शिकार हैं।

सबका एक ही दर्द है कि गांव का पानी फ्लोराइडयुक्त है।  करोड़ों की लागत से चुकरू पेयजलापूर्ति योजना चालू की गई। बावजूद साल भर से शुद्ध पेयजल नसीब नहीं है। योजना बनने के एक-दो वर्ष तक पानी मिला। इसके बाद से हाल बदहाल है। विवशता के कारण चापाकल व कुआं का फ्लोराइडयुक्त पानी पीना पड़ रहा है।

करोड़ों खर्च लेकिन चुकरु गांव को नहीं मिला शुद्ध पानी

करोड़ों रुपया खर्च होने के बावजूद मेदिनीनगर सदर प्रखंड के फ्लोराईड प्रभावित चुकरू  गांव समेत नेवाटीकर व बखारी में  कई लोगों की दिव्यांगत के कारण जान जा चुकी है। इसे देख यहां करोड़ों रूपए की पेयजल आपूर्ति योजना को धरातल पर उतारा गया। बावजूद यह यह योजना ग्रामीणों के लिए अनुपयोगी साबित हो रही है । इस कारण चुकरू व आसपास के ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को विवश हैं। 11 फरवरी 2019 से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद है। अधिक फ्लोराइडयुक्त पानी पीने के कारण तीन वर्षों में दर्जनभर लोगों की मौत हो चुकी है।ग्रामीणों का कहना है कि अधिक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से मुक्ति मिलती तो हम लोगों की आयु बढ़ जाती है।

चीयर्स डेस्क 

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