पानी साफ़ करके ही सप्लाई होगा दिल्ली में

दिल्ली में आने वाले समय में उपचारित पानी का उपयोग बढ़ाने की दिशा में जल बोर्ड तेजी से काम कर रहा है। बोर्ड पानी को उपचारित करके उपयोग में लाने वाली सोसायटियों को सीवेज शुल्क पर 150 फीसद छूट देगा। जल बोर्ड अभी भी 90 मिलियन गैलन लीटर हर दिन उपचारित कर के उपयोग में ला रहा है। जल बोर्ड के सदस्य शलभ कुमार ने एक बातचीत में यह जानकारी दी। पानी की समस्या का समाधान उपलब्ध पानी के उपयोग के बाद फिर से उपयोग में लाने लायक बनाने में ही है। इसके लिए जल बोर्ड कई तरह से कदम उठा रहा है।

बोर्ड दिल्ली सभी सरकारी पार्कों में उपचारित पानी को ही उपयोग में लाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए अलग से पाइप लाइन डालने का काम भी किया जा रहा है। इसके साथ ही नोटिस भी जारी किया गया है कि बागवानी या खेती के काम में केवल उपचारित पानी का ही उपयोग करें। पीने के पानी को इसमें बर्बाद न करें।

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में कुल 1000 के करीब जलाशय हैं, जिनमें से काफी संख्या में तालाब समय के साथ खत्म हो गए हैं। उनको पुनर्जीवित करने के दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा नए जलाशय बनाने का काम भी कर रहे हैं। इसके लिए जगह चिन्हित कर काम किया जा रहा है। सम्मेलन में आए जापान के राजदूत केंजी हीरामात्सू ने बताया कि जापान में 98 फीसद घरों में लोगों को नल से पानी की आपूर्ति की जाती है और उपयोग में आने वाला सौ फीसद गंदा पानी उपाचरित किया जाता है।

जर्मनी के राजदूत वाल्टर लिंडर ने कहा कि मानव इतिहास में यह पहला मौका था जब यूरोप पूरी तरह गर्म हो गया। भारत में भी तापमान इतना तेजी से बढ़ा,यह संकेत देता है कि हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। पानी संरक्षण व टिकाऊ विकास ही इसका मूल है।

चीयर्स डेस्क 

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