दिल्ली में चल रहा पानी विवाद सुलझा

दिल्ली में पानी पर चल रही जबरदस्त पॉलिटिक्स के बीच केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री रामविलास पासवान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर इस पूरे विवाद का अंत करने की कोशिश की है। पासवान ने केजरीवाल को लिखकर बताया है कि दिल्ली में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया जा रहा है जिसमें दो अधिकारी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से रहेंगे जबकि दो अधिकारी दिल्ली जल बोर्ड से रहेंगे। केजरीवाल को चिट्ठी में पासवान ने कहा कि ‘मैं इस संदर्भ में आपको अवगत कराना चाहूंगा कि आपके द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार एक संयुक्त टीम का गठन करते हुए दिल्ली के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से पानी के नमूने एकत्र कर किसी भी अधिकृत जांच एजेंसी से जांच करवा ली जाए।’

इससे पहले दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर दिल्ली वालों को जहरीला पानी पिलाने का आरोप लगाया था,और केजरीवाल को चुनौती भी दी थी। मनोज तिवारी बोले, ‘मैं अरविंद केजरीवाल को चुनौती देता हूं कि अगर यह रिपोर्ट (BIS की पानी पर रिपोर्ट) गलत है तो मेरे साथ दिल्ली की गलियों में चलो, एसी में बैठ कर बातें मत बनाओ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अरविंद केजरीवाल जी अगर आप में सही में दम है और अगर आप पानी सही दे रहे हैं तो आप दिल्ली की गलियों में मेरे साथ चलिए. जनता तय कर देगी की वास्तविकता क्या है?’

इसको लेकर रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी ट्विटर पर भिड़ गए। डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा, ‘फ्री पानी के नाम पर दिल्ली की जनता को ज़हर पिला रहे हैं अरविंद केजरीवाल. देश के 20 शहरों के पानी पर हुए सर्वे में दिल्ली का पानी सबसे ज्यादा जहरीला पाया गया। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार लोगों को साफ़ पानी तक मुहैया कराने में नाकाम रही है।’ इसके जवाब में केजरीवाल ने लिखा, ‘सर, आप तो डॉक्टर हैं। आप जानते हैं कि ये रिपोर्ट झूठी है, राजनीति से प्रेरित है। आप जैसे व्यक्ति को ऐसी गंदी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.’

अब देखना होगा कि जिस संयुक्त टीम का गठन करने की बात चल रही है उसकी जांच में क्या सामने आता है।

चीयर्स डेस्क 

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