पटना में पीने के पानी का भयंकर संकट, प्यास से बेहाल लोग

राजेंद्रनगर रोड नंबर एक में रहने वाली आशा सिन्हा और उनके परिवार की हालत अब ज्यादा खराब होने लगी है। बिजली कटे हुए दो दिन से अधिक हो गए, जिसके कारण पीने का पानी तक मिल मिल रहा है। आशा कहती हैं कि आज तक किसी तरह से पहले से बचाए पानी से काम चल गया, लेकिन मंगलवार से खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं बचा है। आशा देवी के अलावा राजेंद्रनगर, कदमकुआं, कंकड़बाग, बहादुरपुर और लोहानीपुर में रहने वाले तमाम परिवारों की यही स्थिति है।

आसपास बोतलबंद पानी भी खत्म

राजेंद्रनगर और कदमकुआं इलाके के आसपास की दुकानों में बोतलबंद पानी भी नहीं मिल पा रहा है। दुकानदार नितिन ने बताया कि जितना स्टॉक था बिक गया। कदमकुआं निवासी राजू ने बताया कि नाला रोड से लेकर दिनकर गोलंबर तक पानी खोज आया, कहीं बोतलबंद पानी नहीं मिला। स्थानीय पार्षद प्रमिला वर्मा द्वारा पानी बांटा जा रहा था, लेकिन एक आदमी को एक ही बोतल पानी मिला। इधर, जलजमाव के बीच नवरात्र करने वाले भक्तों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। व्रती रजनधारी सिंह ने बताया कि पति-पत्नी दोनों व्रत पर हैं, लेकिन घर में नहाने के लिए पानी नहीं है। बगल वाले की टंकी में थोड़ा सा पानी था, उन्हीं से एक बाल्टी पानी मांग कर सोमवार की सुबह किसी तरह स्नान किया।

 पानी का  मोटर बंद, 

कंकड़बाग व राजेंद्रनगर में सप्लाई का पानी नहीं पहुंच रहा है और जलजमाव की वजह से घर का माेटर भी नहीं चल रहा है। हनुमाननगर निवासी हरकिशन दास ने बताया कि तीन दिनों से पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। छोटे बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है। शालीमार स्वीट्स के पास एमआईजी फ्लैट में रहने वाली सुधा कुमारी ने बताया कि हमारा पूरा परिवार जलजमाव की चपेट में है। गैस सिलेंडर भी खत्म हो गया है।

चीयर्स डेस्क 

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