नुकसानदायक हो सकता है आरओ का पानी

यूपी की राजधानी लखनऊ में सप्लाई का पानी पीने लायक नहीं है। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय के सर्वे में भी यह साबित हो चुकी है। इन हालात में शहर के लोग सप्लाई का पानी शुद्ध करने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) वॉटर प्यूरिफायर लगवा रहे हैं, लेकिन इसके पानी से भी कई बीमारियों का खतरा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आरओ से गंदगी के साथ वे मिनिरल्स भी निकल जाते हैं, जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं। इनकी कमी से हड्डी, लिवर, किडनी, बीपी और दिल की बीमारी तक हो सकती है। यही वजह है कि नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूलन (एनजीटी) भी आरओ पर बैन लगाने की सिफारिश कर चुका है।

क्यों जरूरी हैं मिनरल्स

केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रो. डी हिमांशु ने बताया कि हमारे शरीर को सभी मिनरल्स की जरूरत होती है। कुछ आरओ से ये मिनरल पूरी तरह निकल जाते है। इसके बाद बचे पानी को सॉफ्ट वॉटर कहते हैं। ऐसा पानी पीने सेहत के लिए खतरनाक है। वहीं, कुछ जगह के पानी में मिनरल बहुत ज्यादा होते हैं। ऐसे पानी को हार्ड वॉटर कहते हैं। पीने के लिहाज से ऐसा पानी भी सही नहीं है। हमारे शरीर को हमें संतुलित मिनरल वाला पानी चाहिए। कुछ ही वॉटर प्यूरिफायर कंपनियां आरओ में अलग से मिनरल मुहैया करवाती हैं।

टीडीएस बताता है, कितने हैं मिनरल

लखनऊ विवि में जियॉलजी विभाग के प्रो. अजय मिश्रा के मुताबिक, पानी में मौजूद मिनरल्स की मात्रा को टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस) कहते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो के मुताबिक, पानी में टीडीएस की अधिकतम सीमा 500 पीपीएम निर्धारित है, जबकि डब्ल्यूएचओ के हिसाब से 300 पीपीएम टीडीएस होना चाहिए। मौजूदा समय में बिक रहे सामान्य आरओ से प्यूरिफाइड पानी का टीडीएस 100 से भी कम होता है। कुछ का टीडीएस तो 60 ही होता है। इससे शरीर के लिए जरूरी कैलशियम, सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे मिनरल पानी से निकल जाते हैं।

उबाल कर पिएं पानी 

पानी उबाल कर पीना सबसे बेहतर तरीका है। इससे पानी में मौजूद मिनरल खत्म नहीं होते और यह साफ भी हो जाता है। इसके अलावा अगर आरओ लगवा रहे हैं तो उसका टीडीएस जरूर चेक करवाएं। अगर टीडीएस लेवल 150 से 200 तक मिल है तो पानी पिया जा सकता है।

चीयर्स डेस्क 

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