नए कानून के तहत कब होगी कार्रवाई !

यूपी व उत्तराखंड में से मौतों का जो सिलसिला शुरु, वह अब तक नहीं थमा। जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है अब तक इस शराब कांड सें 114 लोगों की जान जा चुकि हैं तथा यूपी में 297 मामलें दर्ज किये गये है, और 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद प्रदेश में पुलिस तथा आबकारी विभाग ने सख्ती दिखाई।

दफन हो जाते हैं मामले

प्रदेश में जब भी इस तरह के हादसे हुए, उच्च स्तर पर इसकी जांच करवाई गई। स्थानीय पुलिस और आबकारी अफसरों पर निलंबित तक की कार्रवाई की जाती है। अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कई-कई दिनों तक पुलिस और आबकारी विभाग का अभियान चला। लेकिन, कुछ दिन बाद फिर स्थितियां सामान्य जैसी हो जाती हैं। घटना को लेकर निलंबित हुए अफसर फिर तैनात हो जाते हैं।

रविवार को यूपी के आबकारी मंत्री मीडिया के साथ प्रेस काॅन्फ्रेस करनें वाले थे लेकिन अनजान कारणों से प्रेस कांफ्रेंस स्थगित कर दी।  माना ये जा रहा है कि इतने सवाल थे कि मंत्री जी शायद जवाब नहीं दे पाते।

अवैध शराब के कारोबारियों को नहीं है मौत का डर

जहरीली शराब से होने वाली मौतों पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने कानून सख्त किया। अवैध शराब बनाने वालों के लिए मौत की सजा तक का प्रावधान किया, लेकिन यूपी में अवैध शराब का कारोबार थम नहीं सका। योगी सरकार के पौने दो सालों में यह पांचवीं घटना है। कुशीनगर और सहारनपुर जिलों में गुरुवार से अब तक हुई मौतों से पहले इस सरकार में आजमगढ़, बाराबंकी, कानपुर देहात और कानपुर शहर में जहरीली शराब का तांड़व हो चुका है।

अधिनियम में किए गए थे संशोधन

आबकारी कानून की जिन धाराओं में दंड और दंड शुल्क का प्रावधान है, ऐसी 22 धाराओं में संशोधन किए गए, आबकारी एक्ट की धारा 3, 5, 31, 52, 53, 54, 55, 60, 62, 63, 64, 64क, 65, 66, 67, 68, 69, 69क, 70, 71, 72, 73क, 74 को संषोधित किया और नई धारा के रूप में 60-क जोड़ा गया है। इस नई धारा में अवैध शराब से मौत या स्थाई अपंगता होने पर आजीवन कारावास या 10 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों अथवा मृत्युदंड तक का प्रावधान किया गया है।

सहारनपुर मे पकड़ी गयी अवैध शराब

एक्ट में यह व्यवस्था भी की गयी है कि अवैध शराब के कारोबार को शह देने वाले विभागीय अफसरों की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर उन्हें कठोर दंड दिया जायेगा। अवैध शराब की भट्ठियों की तलाशी  में जरा सी लापरवाही पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी की कार्यवाही तक का इंतजाम किया गया। एक्ट में संशोधन को दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी तक नई धाराओं के तहत कारर्वाई की कोई सूचना नहीं है, आबकारी विभाग ने भी इस तरह का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया है।

फिर भी नहीं थमीं घटनाएं

सितंबर 2017 में ही सरकार ने आबकारी कानून में बदलाव किया और तीन महीने बाद ही जनवरी 2018 में राजधानी से सटे बाराबंकी जिले में जहरीली शराब का तांड़व सामने आया। बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई। मई में कानपुर नगर और कानपुर देहात में जहरीली शराब से 16 लोगों की मौत की घटना सामने आई थी।

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