देसी की तरह अंग्रेजी शराब व बीयर का तय हुआ कोटा

यूपी सरकार ने लगता है मन बना लिया है कि शराब कारोबारियों को चैन से बैठने नहीं देंगे। व्यापारियों की माने तो उनका कारोबार से अब मोह भंग होता जा रहा है, लेकिन सरकार  है कि फरमान पे फरमान जारी किये जा रही है। अभी ताज़ा फरमान के अंतर्गत देसी शराब की  तरह आबकारी विभाग ने अप्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजी शराब और बीयर का कोटा तय कर दिया है। अभी देसी शराब के दुकानदार को उतनी शराब हर हाल में उठानी होती है, जितना उसका कोटा तय है। अब अंग्रेजी शराब और बीयर दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं कि पिछले साल जितनी उठान इस साल भी करनी होगी। इसके अलावा पिछले साल जितना प्रतिफल शुल्क भी जमा करना होगा। अभी दुकानदार बिक्री के हिसाब से शुल्क जमा करते हैं।

अवैध शराब की बिक्री पर लगेगा रासुका व गैंगस्टर

नोटिस के मुताबिक, विभाग प्रतिफल शुल्क का मिलान तिमाही करेगा और हर तिमाही जितना शुल्क ही जमा करना होगा। दुकानदारों की मानें तो शुल्क पूरा जमा न होने पर अगले वित्तीय वर्ष में दुकानों के रिनीवल पर विचार न करने और जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई है।

आबकारी टीम पर मिलावटी शराब कारोबारियों ने बोला हमला

उधर, उप्र शराब असोसिएशन के बैनर तले दुकानदारों ने प्रमुख सचिव आबकारी से मुलाकात कर शुल्क के तिमाही मिलान का विरोध किया है। कहा है कि यह आदेश वापस लिया जाए या देसी शराब की तरह शुल्क का सालाना  मिलान हो। असोसिएशन के महासचिव कन्हैया लाल मौर्य और कोषाध्यक्ष सुरेश प्रताप सिंह ने कहा कि आदेश वापस न होने पर कोर्ट जाएंगे। अगर यही हाल रहा तो कुछ समय पश्चात यूपी शराब कारोबारी ढूंढे  नहीं मिलेंगे।

चीयर्स डेस्क 

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