दूतावासों के माध्यम से हो रही शराब तस्करी

पाकिस्तान में हालात किस तरह बदतर होते जा रहे हैं इसका ताज़ा उदाहरण वहां की डॉयरक्ट्रेट आफ इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन विभाग की रिपोर्ट से पता चलता है। पाकिस्तान में शराब तस्करी के लिए बड़े पैमाने पर राजनयिक चैनलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ताजा मामले में कस्टम अधिकारियों ने अल्जीरिया और लेबनान के दूतावासों के लिए लाए गए सामानों में छिपाकर लाई गई करीब पौने दो करोड़ रुपये (पाकिस्तानी) की शराब जब्त की है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि शराब की तस्करी  के लिए बड़े पैमाने पर राजनयिक रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है।

तस्करों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दूतावासों के स्टाफ और कस्टम कर्मियों के साथ मिलकर गिरोह बना रखा है। अल्जीरिया और लेबनान के अलावा बीते कुछ महीनों में सीरिया और इंडोनेशिया  के दूतावासों के लिए भी मंगाए गए सामानों के साथ छिपाकर लाई गईं शराब की बोतलें जब्त की जा चुकी हैं।  अब तक ऐसी कुल 4352 शराब की बोतलें जब्त की जा चुकी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार डॉयरक्ट्रेट आफ इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन कराची के निदेशक इरफान जावेद ने बीते दिन (24 अक्टूबर को) अपने महानिदेशक को रिपोर्ट भेजी। इसमें कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित अल्जीरिया के दूतावास की तरफ से मंगाए जाने वाले खाद्य पदार्थो की आड़ में मंगवाई गई 1584 शराब की बोतलें जब्त की गई हैं।

ऐसे ही लेबनान दूतावास के सामानों में 480 शराब की बोतलें मिली हैं। इन दोनों दूतावास ने अपने कन्साइनमेंट के क्लीयरेंस के लिए दाखिल ‘गुड्स डिक्लेरेशन’ (मंगाई गई वस्तुओं की जानकारी) में शराब की खेप होने के बावजूद इन कन्साइनमेंट को खाने-पीने की चीजों के रूप में वर्णित किया था।

चीयर्स डेस्क 

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