थोथे साबित हो रहे हैं सरकारी प्रयास

आर्सेनिक उगलते हैण्डपंपों ने बहरौली गांव के लोगों का जीना दुष्वार कर दिया है। वैसे तो आर्सेनिक युक्त पानी से लोगों को बचाने के लिए उथले हैंडपंपों को चिह्नित किया गया। उनपर लाल क्रास का निशान भी लगा दिया गया है। अकेले बहरौली में ही 200 घरों के हैंडपंप का पानी पीने पर रोक लगा दी गई। पंचायतीराज विभाग के कर्मचारियों ने इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने की सलाह दी। जबकि बहरौली और आसपास के ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच में फेल हो चुके हैं। आर्सेनिक पुष्टि हुई थी। गांव वाले परेशान हैं। आर्सेनिक मिला पानी पीना नहीं चाहते मगर दूसरा विकल्प नहीं है। गांव वालों को शुद्ध पीने का पानी मय्यसर नहीं है। बहरौली समेत कई गांवों में सात साल पहले ही ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपंप के पानी पीने पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने गांवों को जहरीले पानी से बचाने के इंतजाम नहीं किए हैं। ऐसे हालात में ग्रामीणों को रास्ता नहीं सूझ रहा।

प्रभारी मंत्री के सामने उठाएंगे मामला

ब्लाक प्रमुख राजीव गुप्ता बहरौली पहुंचे। ब्लाक प्रमुख के सामने ग्रामीणों ने गांव के जहरीले पानी का मामला उठाया। शिवराम ने ब्लाक प्रमुख को बताया ग्रामीणों की जिंदगी बचाने को एक ही उपाय है गांव के घरों में टंकी का पानी उपलब्ध कराया जाए। ब्लाक प्रमुख ने ग्रामीणों को बताया इसी माह प्रभारी मंत्री बरेली आ रहे हैं। बहरौली में कैंसर से हुई मौतें और जहरीले पानी का मामला वह प्रभारी मंत्री के समक्ष उठाएंगे। केंद्रीय मंत्री और विधायक से बात करके गांव में ओवरहैड टैंक का निर्माण कर घरों में पाइप लाइन से शुद्ध पानी की आर्पूति कराने का प्रयास करेंगे। ब्लाक प्रमुख ने सीडीओ से इस संबंध में बात की।

परेशान महिलाओं का दर्द जानने पहुंचीं समाजसेवी 

महिला जागृति मंच की मनु नीरज सोमवार को बहरौली पहुंचीं। उन्होंने ब्लाक प्रमुख और अपनी टीम के साथ घरों में जाकर महिलाओं से बात की। कांति देवी ने मनु नीरज को बताया घर में कृष्णा, अक्षत और सचिन बीमार हैं। सचिन को चेचक निकली है। कृष्णा और सचिन को टायफायड हो गया। बोली, घर के नल का पानी पीते हैं। पानी एक सा है चाहे घर के नल का पिओ या सरकारी हैंडपम्प का। मुन्नी देवी के जेठ की वर्षों पहले कैंसर से मौत हुई थी। मुन्नी देवी ने बताया मैं बीमार तो हर समय रहती हूं। मनु नीरज ने ग्रामीणों को पानी उबाल कर पीने की सलाह दी। ग्रामीणों की समस्या को केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और डीएम तक पहुंचाने की बात कही।

सीडीओ के निर्देश पर बहरोली में सफाई कर्मचारियों से घरों में लगे हैंडपम्पों पर लाल निशान लगाए जा रहे हैं। निशान सभी घरों के उथले नलों पर लगेंगे। ग्रामीणों को घर में लगे कम गहरे नलों का पानी न पीने को जागरूक किया जा रहा है।

चीयर्स डेस्क

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