तेजी से बढ़ रहा है एल्कालाइन वाटर का क्रेज़

टीडीएस (पानी में घुल जाने वाले अवयव की मात्रा) के खेल को बाजार से जोड़ कर आरओ वाटर ने शहरी भारत में अपनी जड़े मजबूत कर ली हैं लेकिन अब आरओ वाटर से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दुश्वारियां जबसे सामने आना शुरु हुई हैं तब से लोगों ने इसका विकल्प तलाश लिया है। यह है एल्कालाइन वाटर, स्तरीय आरओ मशीन 30 से 40 हजार के बीच लग जाती है जबकि एल्कालाइन वाटर मशीन सवा लाख रुपए से ऊपर की है। लेकिन इसके पानी में एसिड की मात्रा न्यूनतम होती है और इस पानी में एल्कालाइजिंग कम्पाउंड समेत कैल्शियम, सिलिका, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बाॅयोकार्बोनेट शामिल होते हैं। आरओ में इन्हीं सब अवयवों का शामिल कराने के लिए मिनरल्स अलग से खरीद कर लगवाने पड़ते हैं, मजे की बात ये है कि ये सब भी आर्गेनिक न होकर रसायनिक होते हैं।

एल्कालाइन वाटर मशीन का बाजार अभी भारत में  पूरी तरह से छाया नहीं है और बड़े शहरों तथा मैट्रो एरियाज़ में ही इसकी खपत बढ़ रही है लेकिन बड़ी तेजी से ये पानी लोकप्रिय हो रहा है। इसके प्लांट उत्तराखंड और तेलंगाना के अलावा पंजाब और गुजरात तथा महाराष्ट्र में भी लग रहे हैं। इनमें से कुछ प्लांट शुरु हो गए हैं और कुछ जल्दी ही शुरु होने वाले हैं। एल्कालाइन वाटर मशीनों का डेमो भी बड़े शहरों में शुरु हो गया है और जल्द ही इसके पूरे भारत में फैल जाने की उम्मीद है।

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लेकिन बड़ा सवाल ये है कि एल्कालाइन वाटर को भारत के अमीर लोग तो पीने लगेंगे लेकिन बाकी जनता का क्या होगा जो अभी भी पानी में संक्रमण के कारण हजारों तरह की बीमारियों का शिकार हो जाती है और डाॅक्टर इसी का फायदा उठाकर दवा के पर्चे में आरओ लगवाने की भी सिफारिश कर देते हैं। एल्कालाइन वाटर वही लोग पी पाएंगे जो सक्षम हैं और जो सक्षम हैं वह तो अभी भी बेहतरीन मिनरल वाटर ही पी रहे हैं।

एल्कालाइन वाटर की सबसे बड़ी विशेषता है उसकी पाचन सम्बंधी क्वालिटी, एल्कालाइन वाटर पीने वाले बताते हैं कि इस पानी को पीने के बाद आपके अंदर जबर्दस्त किस्म की पाचन शक्ति पैदा हो जाती है और इसी कारण शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ने लगती है जिसका नतीजे में व्यक्ति सुरक्षित जोन में आ जाता है। एल्कालाइन वाटर की दूसरी सबसे बड़ी खास बात है इसका स्वाद जो प्राकृृतिक पानी से हू ब हू मिलता है, बिल्कुल वही स्वाद जैसा कि हिमालय की चोटियों पर स्रोतों से निकलने वाले पानी का होता है। इसी कारण भारत में भी अब एल्कालाइन वाटर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एशियाई देशों की बात करें तो चीन और जापान में पहले से ही इसका चलन काफी बढ़ चुका है।

चीयर्स डेस्क

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