डंपिंग ग्राउंड कर रहा पीने के पानी को दूषित

भोपाल नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाला लगभग 6 लाख टन कचरा आदमपुर छावनी एवं एक दर्जन से अधिक गांवों के लिए परेशानियों का सबब बन चुका है । भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों का तकरीबन 950 टन कचरा नगर निगम प्रतिदिन आदमपुर छावनी में डाल रहा है । कचरे से निकलने वाला दूषित पानी अजनाल डेम के साथ साथ यहाँ के ट्यूबवेलों में जा रहा है जिससे इस क्षेत्र में पीने का पानी दूषित हो गया है साथ ही कचरे में आग के धुएं से यहाँ के नागरिको को सांस लेने तक मे दिक्कत हो रही है।

कचरा खंती की वजह से लड़कों की शादी नही हो रही जिनकी हो गयी है उनक्त रिश्ता टूट रहा है या टूटने की कगार पर है । यह बात विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने गुरुवार को पत्र के माध्यम से नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह को अवगत करायी।

विधायक शर्मा ने बताया कि नगर निगम ने आदमपुर छावनी में कचरा खंती बनाने से पहले बड़े बड़े वादे किए थे कि वह इस कचरे से बिजली और खाद बनाएंगे परंतु इसके विपरीत निगम कचरा खंती बनाकर अपनी जिम्मेदारी भूल कर ग्रामीण नागरिको के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है इसके चलते यहाँ पीने का पानी और वातावरण दोनों ही दूषित हो गए हैं। कचरे में लगायी जाने वाली आग के धुएं से आदमपुर के साथ साथ भोपाल की भी वायु प्रदूषित हो रही है । शर्मा ने कहा की नगर निगम, भोपाल को दिल्ली जैसा गैस चैंबर बनाना चाहता है ।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कचरा खंती की वजह से आदमपुर, बिलखिरिया, पड़रिया, अर्जुन नगर, हरिनगर सहित अन्य गांवों के परिवार पीड़ित है, पानी और वायु प्रदूषित हो चुकी है । यहाँ के नागरिको का जीवन थम गया है । विधायक शर्मा ने मंत्री जयवर्धन से तत्काल प्रभाव से आदमपुर खंती में कचरा डालने पर प्रतिबंध लगाने एवं यहाँ जमा 6 लाख टन कचरे के निस्तार जल्द से जल्द करने की मांग की है ।

चीयर्स डेस्क 

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