ट्रेनों से होने लगा चुनाव के लिए शराब का अवागमन

चुनावों में शराब का इस्तेमाल जमकर होता है, और लगभग पूरे देश में ही शराब को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह रहता है। कुछ ऐसे राज्यों में भी चुनाव हो रहा है जहां शराबबंदी है। ये ऐसे राज्य हैं जिनके पड़ोसी राज्यों में खुलेआम शराब बिकती है और इन राज्यों में धड़ल्ले से आती जाती है। बिहार इनमें प्रमुख है। चुनाव के कारण पुलिस की सख्ती है और जगह जगह चेकिंग हो रही है, विशेष रूप से वाहनों की। इसलिए वाहनों से शराब के आवागमन पर रोक जैसी लग गई है। लेकिन पीने और पिलाने वालों ने इसका नया रास्ता खोज लिया है। वह है ट्रेन।

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 गौरतलब है कि दिल्ली की तरह सभी रेलवे स्टेशनों पर स्कैनर नहीं लगा है कि पता चल जाए कि लगेज में क्या है। इसी का फायदा उठाकर ट्रेन से बड़े पैमाने पर बिहार में शराब ले जाई जा रही है। उन ट्रेनों से ज्यादा ढोई जा रही है, जो बिहार के छोटे स्टेशनों पर रुकती हैं। इसकी भनक रेलवे को भी लग चुकी है इसीलिए रेलवे ने ’आपरेशन बाॅक्स’ शुरू किया है। इससे ट्रेनों पर लीज पर दिए गए पार्सल कोचों की पूरी जांच की जाएगी।

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रेलवे ने सभी मंडलों को निर्देश जारी किए हैं कि वह लीज पार्सल कोचों से जाने वाले सामान की अच्छी तरह से चेकिंग करें। इसी क्रम में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की आरपीएफ टीम ने बहराइच के पास पार्सल चेकिंग के दौरान विदेशी सिगरेटों का जखीरा बरामद किया है। हालांकि इससे पहले इसी तरह के पार्सल में शराब की सप्लाई कर दी गई थी। उसी के आधार पर मुखबिरी हुई थी तभी शराब को पार्सल के जरिए भेजे जाने की बात बाहर आई थी।

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जानकारों का कहना है कि बिहार में शराब पर प्रतिबंध है। ऐसे में मतदाताओं को लुभाने के लिए यूपी से होकर बिहार जाने वाली ट्रेनों के जरिए शराब भेजी जा रही है। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने बिहार के आस पास के स्टेशनों पर भी सख्त निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। इसी कारण यूपी और पश्चिमी बंगाल से लगी बिहार की सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जा रही है और पार्सलों तथा अन्य लगेज की भी सख्ती से जांच शुरु कर दी गई है।

चीयर्स डेस्क

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