झारखंड के पहाड़ी इलाकों में होगी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

झारखण्ड के साहेबगंज में पहाड़िया समुदाय के लोगों को पीने के लिए अब शुद्ध पेजयल मुहैया हो सकेगा। जिला प्रशासन इसके लिए योजना तैयार कर रही है। शीघ्र ही इस संबंध में उपायुक्त वरुण रंजन अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। गौरतलब हो कि जिले में पहाड़िया समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। यह आबादी पहाड़ों पर रहती है जहां आज भी पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी है। वे झरने व तालाबों का पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते हैं। बरसात के दिनों में दूषित पानी पीने से हर साल पहाड़ों पर डायरिया फैल जाता है। इस वजह से औसतन दो दर्जन पहाड़िया की मौत होती है। इस साल अकेले बोरियो प्रखंड में जनवरी से लेकर अक्टूबर तक आठ लोगों की मौत डायरिया से हुई।

तालझारी प्रखंड के भतभंगा पहाड़ पर पर भी डायरिया फैल गया था जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी। बोरियो की मोतीपहाड़ी पंचायत के बांसपहाड़ पर एक गैर सरकारी संस्था के सहयोग से पानी की टंकी लगायी गई है लेकिन वहां तालाब के पानी की ही आपूर्ति की जाती है। तालझारी प्रखंड के भतभंगा पहाड़ पर तो अब तक टंकी भी नहीं लगायी गई है। उपायुक्त वरुण रंजन ने कहा कि जहां पानी टंकी की व्यवस्था है वहां उसमें फिल्टर की व्यवस्था की जाएगी। कहा कि अन्य पहाड़ों पर भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी ताकि वहां भविष्य में डायरिया न फैले।

आंकड़ों पर गौर करें तो सात जून 2019 को चसगांवा पंचायत के वाडोर गांव में डायरिया से कांगो पहाड़िया (50) एवं धर्मिन पहाड़िन (40) की मौत हो गई थी। 16 जुलाई 2016 हरिणचारा निवासी रोजगार सेवक जोहन मरांडी की मौत डायरिया से हुई। 25 सितंबर 2019 को दुर्गा टोला पंचायत के नवडीहा ग्राम की स्वास्थ्य सहिया ़फूल मरांडी (32) की मौत हुई थी। 27 सितंबर को दुर्गा टोला पंचायत के कैलाबाड़ी निवासी मैसी पहाड़िन (40) एवं पोखरिया संताली निवासी ताला किस्कू (19) की मौत हुई। 15 अक्टूबर 2019 मोतीपहाड़ी पंचायत में एतवारिन पहाड़िन (9) एवं चमरी पहाड़िन (60) की मौत हो गई थी।

चीयर्स डेस्क 

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