जानिए किस ड्रिंक ने दी कोला को टक्कर

सोवियत संघ और अमरीका के बीच क़रीब चार दशक चला शीत युद्ध 1991 में सोवियत संघ के विघटन के साथ ख़त्म हो गया था। पूरब और पश्चिम के बीच दीवार ढही तो बाज़ार भी खुला। पश्चिमी देशों के मशहूर उत्पाद जैसे कोका कोला, पेप्सी, मैक्डोनाल्ड्स ने रूस और सोवियत संघ के खेमे वाले देशों तक दायरा बढ़ा लिया। लेकिन, शीत युद्ध के दौरान ऐसा मुमकिन नहीं था। पूर्वी यूरोपीय देशों में कोका कोला जैसे उत्पाद आसानी से नहीं मिलते थे। इसी दौर में पूर्वी यूरोपीय देश चेकोस्लोवाकिया में कोका कोला जैसे ड्रिंक को ईजाद किया गया।

चेकोस्लोवाकिया आज चेक और स्लोवाकिया नाम के दो देशों में बंट गया है। लेकिन, कोका कोला की कमी पूरा करने वाला ये ड्रिंक आज भी दोनों देशों के साझा इतिहास का प्रतीक बना हुआ है। ये चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग और स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में बराबर से लोकप्रिय है। इस सॉफ्ट ड्रिंक का नाम है-कोफ़ोला।

शीत युद्ध के दौर में स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में पेप्सी और कोक केवल सरकारी राशन की दुकान टुज़ेक्स में उपलब्ध होते थे। ये बहुत महंगे बिकते थे, किल्लत की वजह से कोक और पेप्सी की कालाबाज़ारी भी हुआ करती थी।

इसी दौर में चेकोस्लोवाकिया में कोफ़ोला की ईजाद हुई। बीसवीं सदी में चेकोस्लोवाकिया, सोवियत खेमे का देश हुआ करता था, पश्चिमी देशों के सामान की बिक्री पर बहुत नियंत्रण था। पेप्सी और कोक की किल्लत देखते हुए चेकोस्लोवाकिया के वैज्ञानिक ज़ेडेनेक ब्लाज़ेक ने कोफ़ोला सॉफ्ट ड्रिंक को ईजाद किया।

कोफ़ोला की लोकप्रियता

इसे फलों के रस और कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया गया था,मशहूर है कि ब्लाज़ेक और उनकी टीम भुनी हुई कॉफ़ी को पीसने से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के विकल्प तलाश रहे थे। इसी दौरान ग़लती से कोफ़ोला को बनाने का नुस्खा भी निकल आया।

आज भी स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के कमोबेश हर छोटे-बड़े बार में सबसे ज़्यादा परोसा जाने वाला ड्रिंक कोफ़ोला ही है।  जो कंपनी इसे बनाती है उसके फ़ेसबुक पेज के 5 लाख से ज़्यादा फॉलोवर्स हैं, ये फ़ेसबुक पर सबसे मशहूर चेक/स्लोवाक ब्रैंड है।

कोफ़ोला चेक रिपब्लिक और स्लोवाकिया में इतना मशहूर है कि इसकी नक़ल कर के कई उत्पाद बाज़ार में उतार दिए गए हैं। यूं तो कोफ़ोला को पेप्सी और कोक के विकल्प के तौर पर अपनाया गया था। लेकिन, इसका ख़ास स्वाद इसे बाक़ी सॉफ्ट ड्रिंक से बिल्कुल अलग करता है। आज भी जिन लोगों को कोक या पेप्सी नहीं पसंद है, वो कोफ़ोला को तरज़ीह देते हैं। अब ये पूर्वी यूरोपीय देशों के दायरे से निकल कर दूसरे देशों में रहने वाले चेक और स्लोवाक लोगों तक पहुंचाया जाता है।

चीयर्स डेस्क

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