जहरीली शराब से मौतों पर उलझी यूपी सरकार

यूपी सरकार के लिए शराब से हुई मौतें मानो जी का जंजाल बनती जा रही हैं। बुधवार को विधानसभा में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह, जहरीली शराब से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा पूछे गए सवाल पर घिरते नज़र आये। सहारनपुर में शराब से हुई मौतों का आंकड़ा 36 बताए जाने पर विपक्ष के सदस्यों  ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा की सहारनपुर में 36  नहीं बल्कि 100  से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। गौर करने वाली बात ये है कि आबकारी मंत्री को मौतों का सही आंकड़ा तक नहीं मालूम था, बोले ये जानकारी अब उनके संज्ञान में आई है जल्द ही पोस्टमॉर्टेम  रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की संख्या में संसोधन कर मुआवजा दिया जाएगा।

आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने सदन में बताया कि नकली, अवैध व जहरीली शराब की 40458 घटनाएं प्रकाश में आयीं और इनमें 15383 लोगों के खिलाफ आपराधिक धाराओं में कार्रवाई की गयी। उन्होंने बताया कि जहरीली शराब से प्रदेश में 127 लोगों की मौत हुई है। विधानसभा सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही यह मामला सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने उठाया व इन मामलों में अब तक सरकार की ओर से की गयी कार्रवाई की जानकारी मांगी। सपा के उज्ज्वल रमण सिंह, संजय गर्ग, मनोज कुमार पाण्डेय, बसपा के मो. असलम राईनी व कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने र्चचा में हिस्सा लिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बजाय सरकार पर ढुलमुल रहने का आरोप लगाया। इन सदस्यों ने कहा कि इसी का फायदा उठाकर आरोपित बच निकलते हैं।

कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि जो शराब माफिया इसमें संलिप्त हैं, ना तो उन्हें चिह्नित किया गया और ना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी। अंत में यही कहा जा सकता है कि यूपी सरकार के आबकारी मंत्री का इस तरह से आकड़ों में उलझना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता  है।

चीयर्स डेस्क

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