जल है तो कल है….

यूपी के गोरखपुर में महन्त दिग्विजयनाथ की 50वीं एवं राष्ट्रसंत महन्त अवेद्यनाथ की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जल है तो कल है विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि नए भारत की आधारशिला बनेगा जल। जब कोई विषय जन इच्छा बन जाती है तो वह विषय निश्चित रूप से सफल होता है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन का संकट पूरी दुनिया खासकर भारत पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि संकट से निपटने के लिए मात्र सरकार द्वारा किये गये प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। जनता को आगे आकर इसमें सहयोग करना पड़ेगा। हम सुबह-स्नान करते हैं  तो सभी नदियाें का स्मरण करते हैं। दुनिया की सभी सभ्यताएं नदी के तट पर विकसित हुई। परन्तु यह कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि आज वही नदी संकट में हैं। इस कार्यक्रम में उनके साथ यूपी  के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।

18 करोड़ ग्रामीणों तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के 18 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक पीने का पानी का नल से पहुंचे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों का समर्थन मिल रहा है। इस योजना में जो राज्य जितने तेजी से कार्य करेगा, भारत सरकार उसे उतने ही संशाधन उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने सिर्फ 2022 का लक्ष्य लेकर उसी तेजी से कार्य किया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं राज्य के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के साथ मिल कर इस लक्ष्य को हम तय समय से पहले हासिल कर लेंगे।जल है तो कल है 60 करोड़ आबादी को हो सकता है पीने के पानी का संकट शेखावत ने कहा कि भारत में जल के तमाम संसाधन होते हुए भी आने वाले समय में 60 करोड़ आबादी को पीने के पानी का संकट होगा। प्रकृति ने हमें सभी देशो से अलग किया। यदि हम सही तरीके से प्रबंधन करें तो जल संकट को टाला जा सकता है।

अब पानी से कोई समझौता नहीं

यूपी के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि अब पानी से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

जल है तो कल है 60 करोड़ आबादी को हो सकता है पीने के पानी का संकट

ऐसे सभी एक्ट को लागू करके अगली बारिश से पहले जल संचय जल संवर्धन के लिए बड़ा काम प्रदेश सरकार की ओर से किया जाएगा। यूपी सरकार जल के मुद्दे पर इतनी संवेदनशील है कि जल शक्ति का अलग से मंत्रालय बनाया गया है। जन सहयोग के माध्यम से हम निश्चित रूप से आने वाले जल संकट से निपटने में सक्षम होंगे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सबमर्सिबल लगाने की मंजूरी देने से पहले ये सुनिश्चित किया जायेगा कि वहाँ  पर रेन  वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है या नहीं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से सभी सरकारी आफिसों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा। अब जो भी निर्माण कराए जायेंगे उसका नक्शा तभी पास किया जाएगा जब वहाँ  पर वाटर रिचार्ज सिस्टम बना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जब ऐसे प्रावधान करेगी कि कहीं से भी हम जितना पानी ले उतना ही पानी धरती के अंदर भी डाला जाए। उन्होंने कहा कि अब ऐसा एक्ट बनाया जाएगा जिसमें यह प्रावधान होगा कि कोई भी इण्डस्ट्रीज यदि पाइप से गंदा पानी या प्रदूषित पानी नदी के अंदर डाल रहा हो तो उसे 5 से 10 लाख रूपये जुर्माना और 5 से 7 साल की कड़ी सजा की व्यवस्था की जाए।

चीयर्स डेस्क

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