जल संचयन में जल्दबाजी कहीं महंगी न पड़ जाये

केंद्रीय भूजल बोर्ड के रीचार्ज मैनुअल 2007 में साफ कहा गया है कि सीधे एक्यूफर्स (बलुई स्ट्रेटा) में दूषित जल की रीचाजिर्ंग कराना गलत है। जबकि सरकार के मौजूदा जलशक्ति मिशन के तहत जिलों में बैठे जिम्मेदार लक्ष्य प्राप्ति के लिए खेतों से लेकर तालाबों व चेक डैम में बिना जल गुणवत्ता का ध्यान दिए शाफ्ट व इंजेक्शन वेल बनवा रहे हैं। जो बेहद घातक है। यही नहीं, लखीमपुर के एक गांव में तो हर घर में रीचाजिर्ंग सिस्टम इसलिए लगाया गया है कि यहां कोई नाली नहीं है। यानी घरों से निकलने गंदे पानी को सीधे जमीन में पहुंचाकर कथित जल संचयन की पीठ ठोकी जा रही है। जबकि सूखे हैंडपंपों के जरिए घरों से निकलने वाले गंदे पानी को भी जल संरक्षण के नाम पर भूजल स्नोतों में पहुंचाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के श्योरपुर इलाके के चार गांवों में भी ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं। उप्र के तमाम जिलों में भी यही हालात हैं।

प्रधानमंत्री की बढ़ते प्रदूषण और घटते भूजल स्तर पर अपील के बाद देशभर में पानी संचित करने की मानों होड़ सी लगी है। जिसको जैसे मौका मिल रहा है, मुहिम में जुटा है। इनमें कुछ खामोशी से अपना काम कर रहे हैं, कुछ गाजे-बाजे के साथ। इस सबसे इतर बड़ी चिंता जल संचयन के तरीके को लेकर उभरी है। आपाधापी में लोग वर्षा जल के बजाए नालियों, नालों में बहने वाले गंदे पानी को इंजेक्शन वेल के जरिए भूजल भंडार तक पहुंचा रहे हैं। एक्सपर्ट का दावा है, पानी बचाने की हमारी यह जल्दबाजी बर्बादी की तरफ ले जा रही है। यदि भूजल भंडार प्रदूषित हो गए तो उन्हें स्वच्छ करना असंभव साबित होगा।

नियमों का उल्लंघन : जल प्रदूषण निवारण एक्ट 1974 -गैर उपचारित, दूषित अथवा वेस्ट पानी जो जल गुणवत्ता को प्रभावित करें, किसी भी दशा में नदी अथवा कुएं में प्रवाहित न हो। छत पर गिरने वाले वर्षा जल को छोड़ किसी भी पानी को सीधे एक्यूफर में नहीं डाला जा सकता।

आर्टिफिशियल रीचार्ज मैनुअल : जल की रासायनिक गुणवत्ता के लिए जरूरी है कि भूजल स्नोतों में जो पानी रीचार्ज कराया जाए वह पेयजल मापदंडों के अनुरूप हो। उसमें किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया मौजूद न हो।

शासनादेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यसचिव की ओर से 26 जुलाई 2006 को जारी शासनादेश में तालाबों में शाफ्ट बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं प्रदूषण की संभावनाओं के मद्देनजर किसी भी दशा में खुले क्षेत्रों का पानी रिचार्ज वेल के माध्यम से सीधे एक्यूफर में प्रवेश न कराया जाने का भी प्रावधान है।

चीयर्स डेस्क

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