चुनाव का असर बीयर आपूर्ति खस्ताहाल

शराब पर यूपी  सरकार द्वारा लगाए गए पांच प्रतिशत गौ संरक्षण ’ उपकर और चल रहे लोकसभा चुनावों के परिणामस्वरूप – बाजार में बीयर के लोकप्रिय ब्रांडों की कमी हो गई है। उत्तर प्रदेश, जो बीयर का सबसे बड़ा बाजार है, यहाँ पेय पदार्थों के स्टॉक खत्म होने की कगार पर हैं।इस साल जनवरी में यूपी सरकार ने गौ रक्षा कार्यक्रम के लिए शराब पर 5 प्रतिशत उपकर लगाने का फैसला किया था। हर बार कराधान में बदलाव होता है, और इसलिए खुदरा मूल्य और उत्पाद पर लगने वाले लेबल में भी बदलाव होता है। प्रत्येक ब्रांड को बाजार में उत्पाद जारी करने से पहले राज्य के आबकारी विभाग से इन परिवर्तनों के लिए अनुमोदन प्राप्त करना होता है ।

जीते तो हर महीने 10 लीटर ब्रांडी देंगे अपने वोटरों को

“हर अप्रैल में नई नीति लागू होती है। हर बार इसमें लगभग एक महीने की देरी होती है क्योंकि वे सभी लेबल को फिर से पंजीकृत करते हैं। नौकरशाही प्रक्रिया लंबी और सुस्त होती है क्योंकि फाइलें विभिन्न स्तरों से गुजरती हैं। यह एक वार्षिक प्रक्रिया है और डिस्टिलरी मालिकों और शराब विक्रेताओं को इसके बारे में पता है, इसलिए वे इन स्थितियों के लिए अतिरिक्त स्टॉक रखते हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के कारण इस प्रक्रिया में और देरी हुई है, ”एक बीयर बार के मालिक ने कहा।

मंटो पीते थे और सम्पादक इसका फायदा उठाते थे

एक अन्य बार मालिक ने कहा “अनुमोदन प्रक्रिया भारत में हर राज्य के लिए आम है, लेकिन देरी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा है। यूपी में, इस बार ज्यादा देरी हुई है क्योंकि आबकारी विभाग के अधिकारी चुनाव कर्तव्यों में व्यस्त थे और इसलिए नए लेबल को मंजूरी नहीं मिल सकी । इसलिए, अगर आप आज उत्तर प्रदेश में कहीं भी एक बार या शराब की दुकान पर जाएं , तो बहुत कम ब्रांड उपलब्ध हैं, और उनमें से अधिकांश स्ट्रांग बियर हैं, ”।
यह बार मालिकों के लिए एक अतिरिक्त झटका है क्योंकि भारत में ज्यादातर लोग जो बार में शराब पीते हैं, वे लाइट बियर पसंद करते हैं। बीयर बार के मालिक ने कहा, मार्च की तुलना में अप्रैल 2019 में बिक्री में लगभग 40 फीसदी की गिरावट आई है। मूल्य वृद्धि , बीयर में आपूर्ति की कमी और लाइट बीयर ब्रांडों की गैर-उपलब्धता का यह एक संचयी प्रभाव है।

सबसे अधिक कमा रही है शराब से यूपी की सरकार

“नया गौ रक्षा उपकर 5 रुपये प्रति बोतल बीयर है। बार के मालिक ने कहा कि बीयर 95ः पानी है। भारत में, घर के बाहर पिए जाने वाली बीयर की खपत घर पर पिए जाने वाली बीयर की तुलना में साढ़े तीन गुना अधिक है। यूपी में आपूर्तिकर्ताओं और बुरा हाल है , इस साल अप्रैल में 3 करोड़ रुपये की लगभग एक लाख लीटर एक्सपायर बीयर नष्ट हो गई।

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“बीयर एकमात्र खराब होने वाली शराब है। कानून के मुताबिक, आपको इसे अलग रखना होता है और आबकारी विभाग के अधिकारी आकर इसे नष्ट कर देते हैं , ”नए स्टॉक को बाजार में लाने के लिए इंतजार लंबा हो सकता है क्योंकि आबकारी अधिकारी केवल चुनाव के बाद काम पर वापस आ पाएंगे।

चीयर्स डेस्क 

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