गोवा में रेन वाटर हार्वेस्टिंग होगी अनिवार्य

देश में पेयजल के संभावित संकट को देखते हुए और भूमिगत जल के गिरते स्तर को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा जताई गई चिंता के बाद अनेक राज्यों ने अपने अपने स्तर पर इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है।  चेन्नई में  जल संकट से निपटने के लिए तो बड़े पैमाने पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाया जा रहा है और अब गोवा सरकार भी इसी कड़ी में, बारिश के पानी के बचाव की योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत सभी नई बनने वाली बिल्डिंग के लिए बारिश के पानी का संग्रहण (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) जरूरी होगा। गोवा के वाटर रिसोर्स मिनिस्टर फिलिप नेरी रॉड्रिग्स ने इस बारे में जानकारी दी।

गोवा में बढ़ी पानी की समस्या

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत इस मामले में जल्द एक बैठक करेंगे। सभी मंत्रालयों को शहरी और ग्रामीण इलाकों में बारिश के जल के संग्रहण का एक प्लान देना होगा। बता दें कि गोवा की राजधानी पणजी और कुछ अन्य इलाके जैसे तिसवाड़ी और नार्थ गोवा के पोंडा तालुका में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। इस समस्या से निपटने के लिए गोवा सरकार वर्षा जल के संरक्षण को अनिवार्य करने जा रही है ।

कानून में होगा बदलाव

फिलिप नेरी रॉड्रिग्स ने कहा कि बारिश के जल का संग्रहण उनके सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। ऐसे में हमारी सरकार बारिश के जल संग्रहण के मौजूदा कानून में बदलाव की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत नई निर्माण को इजाजत देने से पहले उन्हें जल संग्रहण का प्रमाणपत्र देना होगा। इसके लिए उन्होंने टाउन एडं कंट्री प्लानिंग एक्ट और गोवा पंचायती राज एक्ट में बदलाव करके की मंशा जाहिर की।

पानी की बर्बादी पर लगेगी लगाम

पणजी के सांसद अतानासियो मोनसेरात ने भी कहा कि उनकी सरकार पणजी शहर की पानी की समस्या को दूर करेंगे। इसके लिए भूजल पानी की बर्बादी को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकल सिविल बॉडी के पास यह अधिकार होगा कि वो सुनिश्चित कर सकें कि नई बनने वाली बिल्डिंग में पानी के संग्रहण की सुविधा अवश्य हो।

चीयर्स डेस्क 

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