गांव के लोग पेयजल को परेशान, 40 हैंडपंप, 34 बंद पड़े

मध्यप्रदेश के जनपद पटेरा की ग्राम पंचायत भटिया में पीने के पानी की समस्या गर्मियों जैसी बनी हुई हैं। गांव में पांच हजार आबादी के लिए शासन द्वारा 40 हैंडपंप खुदवाए गए हैं, लेकिन यहां पर महज 6 हैंडपंप ही चालू हैं बाकी 34 हैंडपंप सुधार कार्य न होने के कारण बंद पड़े हैं। पीएचई विभाग की लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि ग्रामीणों द्वारा अपनी समस्या से पीएचई के अधिकारियों से लेकर 181 तक में शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद भी हैंडपंप नहीं सुधारे जा रहे हैं। स्थिति यह है कि 8 वार्डों के लोग एक ही हैंडपंप से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। जिससे रात 10 बजे तक हैंडपंपों पर लोगों की भीड़ लगी रहती है, जबकि बीते साल तक हैंडपंप खाली पड़े रहते थे।

हैरानी की बात यह है कि शासकीय प्राइमरी स्कूल में में चार हैंडपंप हैं। जो कई सालों से खराब पड़े हैं। उन्हें भी सुधारा नहीं जा रहा है। स्कूल के चपरासी कामता रैकवार ने बताया कि कई बार पीएचई के मैकेनिकों को फोन लगा चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भटकते हैं।

गांव के भोले सिंह, केशव सिंह, शाहिद खान, अजय साहू, पुष्पेंद्र पटवा का कहना है कि जबसे हैंडपंप ठेकेदारों को सौंपे हैं तभी से एक भी हैंडपंप सही तरीके से नहीं सुधारे गए हैं। ठेकेदार मेहराज खान को पटेरा जनपद के हैंडपंप सौंपे गए हैं, लेकिन उनसे बात करते हैं कहते हैं कि विभाग द्वारा हैंडपंप सुधारने की सामग्री ही नहीं दी जा रही है। तो हम लोग कैसे सुधार कार्य करें।

सभी हैंडपंप सुधर जाएंगे तो दूर हो जाएगी समस्या: इस संबंध में उजयारीबाई, हरिबाई ठाकुर, शीलारानी, भारती ठाकुर ने बताया कि पूरे गांव में 40 से अधिक हैंडपंप लगे हैं, यदि सभी का सुधार कार्य करा दिया जाए तो पेयजल समस्या का निदान हो जाएगा। वहीं परषोत्तम सिंह, बलवंत सिंह ने बताया कि अभी तक पीएचई के अधिकारी केवल यही बहाना बनाते थे कि हैंडपंपों में पानी नहीं हैं, लेकिन इस बार भरपूर बारिश हुई हैं। जिससे गर्मियों तक जलस्तर बना रहेगा। इसके बावजूद भी हैंडपंप नहीं सुधारे जा रहे हैं।

चीयर्स डेस्क 

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