कैसे हो यूपी में अवैध शराब तस्करी पर नियंत्रण

यूपी के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने पर जोर देते हुए चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने बकायों की वसूली करने के साथ ही प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने की हिदायत दी। साथ ही अन्तराज्जीय तस्करी पर प्राथमिकता से प्रभावी नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए।  उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्य को और कारगर बनाया जाए तथा अवैध शराब के उत्पादन पर पूरी तरह से अंकुश लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।उन्होंने दूसरे राज्यों से बिना सीमा शुल्क दिए आ रही शराब के व्यापार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही दुकानों कौ नियमित चेकिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड़ी ने ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी किसी भी दशा में ओवर रेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो सम्बंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एक टीम के रूप में सक्रिय होकर कार्य करना सुनिश्चित करें।

वहीं देखा जाय तो आज भी हरियाणा व पंजाब से अवैध तरीके से शराब को लाकर यूपी व बिहार में खपाया जा रहा है। इस धंधे के फलने-फूलने में रसूखदार सफेदपोश नेताओं के संरक्षण को नकारा नहीं जा सकता है। अवैध शराब कारोबारी हमेशा सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं से संरक्षण प्राप्त कर इस धंधे को अंजाम देते रहते हैं। मजे की बात यह है इस रैकेट में शामिल शराब माफिया,समय-समय पर जिस भी पार्टी की सरकार रहती है उस पार्टी का अपने को कथित नेता भी कहने लगते हैं। अब देखना होगा की आबकारी मंत्री का ये फरमान कितना कारगर साबित होता है। 

चीयर्स डेस्क 

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