कानपुर में जहरीली शराब का क़हर जारी

कानपुर में लगातार छठे दिन भी ज़हरीली शराब का कहर जारी रहा। घाटमपुर के बाद महाराजपुर में भी जहरीली शराब पीकर एक आदमी की मौत हो गई। इस मौत से नाराज मृतक के घरवालों ने शराब की दुकान में आग लगा दी। पुलिस के पहुचने पर पत्थर लेकर पुलिस को भी लोगों ने दौड़ा लिया। हालांकि अपनी ‘नाकामी’ छिपाने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें मामले को मोड़ने की भरसक कोशिशें कर रही हैं। गौरतलब है कि शराब कांड में घाटमपुर थानेे के एक सिपाही को बर्खास्त किया जा चुका है।

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याद रहे कि पिछले एक सप्ताह में घाटमपुर तहसील के कई गांवों में जहरीली शराब पीकर दस लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक, गंगा कटरी के मदारपुर गांव के चंद्रशेखर ने बुधवार शाम गांव के ठेके से शराब खरीद कर पी थी। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें इलाज के लिए एलपीएस हृदय रोग संस्थान में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। शव घर पहुंचने पर परिवार और पड़ोसियों का गुस्सा उफान पर आ गया। घरवालों ने ठेके के बाहर पड़े सामान में आग लगा दी और मौके पर पहुंची पुलिस को पत्थर लेकर दौड़ा लिया। बाद में एसपी ग्रामीण, सीओ और अन्य अधिकारियों ने हालात संभाला और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। चंद्रशेखर की मौत की सूचना मिलते ही ठेके का सेल्समैन भाग निकला।

असली जैसी जहरीली शराब

महाराजपुर से कुछ ही दूरी बसे घाटमपुर में पांच दिन तक शराब कहर बरपाती रही, पुलिस अपनी औपचारिकताएं करती रही और उधर दूसरी तरफ देशी शराब माफिया समानांतर अपना तंत्र चलाता रहा। सूत्र बताते हैं कि ठेके बंद होने के बाद आसपास की दुकानों से जो शराब बेची जा रही है वह बिल्कुल असली बोतलों जैसी दिखती है। आम लोगों का इसे पहचान पाना बेहद मुश्किल है।

पुलिस पहुंची ही नहीं

सूत्रों के अनुसार, तमाम दावों के बीच महाराजपुर में आबकारी विभाग की टीमों ने कोई सख्ती नहीं दिखाई। पुलिस भी सिर्फ डांट-डपटकर लौट आई। आबकारी अधिकारी के अनुसार, मदारपुर के ठेके में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। ठेका सील कर दिया गया है। पुलिस और आबकारी विभाग की धींगामुश्ती का ये आलम तब है जबकि अभी पिछले साल ही कानपुर नगर और कानपुर देहात में जहरीली शराब पीकर 20 से ज्यादा लोग मरे थे। इस सम्बंध में कानपुर के एसएसपी अनंत देव का कहना है कि अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत शराब से हुई है या जहरीली शराब से। मामले की जांच की जा रही है।

दो सौ प्रतिशत होता था मुनाफा

घाटमपुर में मिलवाटी शराब तैयारा करने में अमेरिका से सप्लाई किए गए केमिकल का प्रयोग किया गया। इनकी लागत 15-20 रुपये आती है, लेकिन बिक्री 55-60 रुपये तक होती है। 200-300 प्रतिशत मुनाफे के चलते यहां जहरीली शराब का कारोबार खूब फलाफूला। कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत के साथ पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी अनंत देव ने कहा कि मिलावटी शराब बनानें में केमिकल डाई फिलाइल ऑकसाइड बाई फिनाइल का प्रयोग किया गया था। घाटमपुर से मिले ड्रम से यह सुराग हाथ लगा हैं। जांच के बाद पता चला कि इस केमिकल का इस्तेमाल नशा बढ़ाने के लिए किया गया था। यह केमिकल मिडलैंड अमेरिका से सप्लाई हुआ था। इसका प्रयोग औद्योगिक इकाइयां कई वस्तुएं बनाने में करती हैं। किसी औद्योगिक इकाई से मिलावटी शराब से मौंतों में 14 लोागो को गिरफ्तार किया गया है। दस और लोगों की तलाश की जा रही हैं।

चीयर्स डेस्क

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