कम शराब बेचने पर जुर्माना ?

एक ओर राजस्थान सरकार यह मानती है कि शराब हानिकारक है, यह संदेश देने के लिए शराब की पैकिंग पर भी चेतावनी अंकित की जाती है। इसके बावजूद सरकार हर साल दस फीसदी ज्यादा शराब बेचने के लिए हर जिले में टारगेट तय कर रही है। यही नहीं शराब बेचने के टारगेट को पूरा नहीं करने वाले शराब दुकानदारों और बार संचालकाें से आबकारी विभाग जुर्माना भी वसूल कर रहा है। हालात ये हो गए हैं कि शराब बेचने के टारगेट को पूरा करने के लिए दुकानदार और बार संचालक अवैध तरीका अपनाने के लिए मजबूर हाे गए हैं। जुर्माना जिले भर में निजी बार मालिकों के गले की फांस बन गया है। अगस्त माह में कम शराब और बीयर बेचने पर आबकारी विभाग ने जिले की 40 निजी बार मालिकों पर 7 लाख 52 हजार 600 रुपए जुर्माना किया है। ज्यादा शराब व बीयर बेचने के दबाव पर दुकान व बार मालिकों का कहना है कि कमाई से ज्यादा जुर्माना देने से तो अच्छा काराेबार बंद करना रहेगा।

वसूली जाती है पैनल्टी

अजमेर के जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार नई आबकारी नीति के मुताबिक पिछले साल की शराब बिक्री से दस फीसदी ज्यादा बिक्री इस साल करने का लक्ष्य है। पिछले साल जिले में आबकारी विभाग ने 434 कराेड़ रुपए की राजस्व आय अर्जित की थी, इस साल सितंबर महीने तक 218 कराेड़ रुपए आय अर्जित की गई है। पिछले साल से दस फीसदी यानि 43 कराेड़ रुपए ज्यादा की आय  अर्जित करने का लक्ष्य है। इसके तहत शराब दुकान और बार पर सेल के टारगेट दिए गए हैं। इसे पूरा नहीं करने वालाें से पैनल्टी वसूली जाती है। बीयर पर 10 रुपए बल्क लीटर और शराब पर 20 रुपए बल्क लीटर जुर्माना वसूला जाता है।

पहले नहीं लगता था जुर्माना

अभी तक सरकार ठेके वाली दुकानों पर ही बीयर की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित करती थी। लेकिन निजी बीयर बारों पर इस तरह की कोई पाबंदी नहीं थी। इसके चलते निजी बीयर बार मालिक अपनी इच्छानुसार शराब खरीदते थे और बेचते थे। बीयर बार मालिक अधिक बीयर बेचना चाहते थे ताकि मुनाफे में बढ़ोत्तरी हो। व्यवस्था 1 अगस्त से लागू हुई है।

बदले नियम, लगाया जुर्माना

आबकारी विभाग ने जुर्माने के प्रावधान में इस सत्र से निजी बीयर बार पर जुर्माना वसूलने का फैसला किया है। पिछली बार खरीदी गई बीयर को आधार मानते हुए इसमें दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर लक्ष्य निर्धारित कर दिया।

सबसे अधिक जुर्माना अजमेर नॉर्थ पर

अजमेर जिले में सबसे अधिक जुर्माना अजमेर नॉर्थ पर 4 लाख 13 हजार 380 रुपए लगे है। जबकि सबसे कम जुर्माना मसूदा में 3 हजार 113 रुपए है। हालांकि अजमेर नॉर्थ की 17 दुकानों पर जुर्माने की राशि वसूली गई है। जबकि मसूदा में मात्र एक ही दुकान से जुर्माना वसूला गया है।

बारों में बीयर की मांग नहीं बढ़ी

ठेके वाली दुकानों पर भले ही बीयर की आमदनी बढ़ी हो लेकिन निजी बीयर बारों में संख्या नहीं बढ़ी है। पैनल्टी के आंकड़ाें की गणना करें तो हर दुकानदार पर दस प्रतिशत अधिक शराब नहीं बेचने पर जुर्माना लगा है। यानि की पिछले वर्ष जितनी बीयर की बोतलें बेची इस बार उससे भी कम बोतलें वह बेच पा रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि एक तो बीयर के दामों में बढ़ोत्तरी होना, दूसरा दुकानों की अपेक्षा बार में बीयर की डेढ़ी कीमत वसूल की जाती है। इसके चलते उच्च वर्ग के लोग ही बीयर बार में जाते है।

सरकार के नए जुर्माने के प्रावधान से निजी बार मालिकों में हडकंप मच गया है। नाम नहीं छापने की शर्त पर बार मालिकों ने बताया कि सरकार ने बीयर और शराब के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।

चीयर्स डेस्क

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