कई बोतलबंद ब्रांडेड पानी में बैक्टीरिया

आज अमेरिका में बोतलबंद पानी सुविधा की बजाय वैकल्पिक पेयजल बन गया है। इसका कारण सुरक्षित और बेहतर क्वालिटी को बताया जाता है। लेकिन लगता है ऐसा है नहीं, हाल में आई कुछ रिपोर्ट में कई ब्रांडों के पानी में आर्सेनिक का स्तर असुरक्षित पाया गया। वैसे, दस और बीस वर्ष पुरानी दो रिपोर्ट के अनुसार बॉटल वाटर सुरक्षित नहीं है। लगभग 33% अमेरिकी नल के पानी की तुलना में बोतलबंद पानी पीते हैं। देश में 2017 में इस पानी का कारोबार 1300 अरब रुपए से अधिक था।

गवर्मेंट अकाउंटेबिलिटी ऑफिस (जीएओ) की 2009 की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में लगभग 70% पानी खाद्य एवं दवा प्रशासन (एफडीए) के नियमन के तहत नहीं आता है। यह इसलिए क्योंकि कई ब्रांड के पानी की बॉटलिंग और बिक्री उसी राज्य में होती है। राज्य के अंदर का कारोबार होने के कारण उसका नियमन संबंधित राज्य ही करता है। हालांकि, कई राज्यों के नियम एफडीए से अधिक कड़े हैं। जीएओ ने बॉटल्ड वाटर पर 2009 के बाद कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है। 1999 में प्राकृतिक संसाधन सुरक्षा काउंसिल ने बोतलबंद पानी की व्यापक वैज्ञानिक स्टडी की थी।

उसने 100 से अधिक बॉटल्ड वाटर ब्रांड के तीन-तीन सैंपलों की जांच की थी। उससे पता लगा कि एक तिहाई बोतलों में बैक्टीरिया और रासायनिक प्रदूषण का स्तर अधिक है। काउंसिल के सीनियर डायरेक्टर एरिक ओलसन को विश्वास है कि आज ऐसे परीक्षण के यही परिणाम निकलेंग।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए नुकसानदायक
प्लास्टिक की बोतल में अगर लंबे समय तक पानी भरा रहेगा तो उसमें प्लास्टिक के केमिकल थैलेट्स आने का खतरा रहता है। गर्म जगह में प्लास्टिक की बोतल का पानी रखने से ऐसा होने की अधिक आशंका है। थैलेट्स से गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नुकसान हो सकता है।

चीयर्स डेस्क 

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