एलर्जी और गंजापन दे रहा आपके घर में आ रहा पानी

यूपी के नोएडा में सेक्टर-78 की अंतरिक्ष सोसायटी में ग्राउंड वॉटर की सप्लाई किया जाता है। पानी इतना खराब होता है कि 3-4 महीने में ही आरओ मशीन में दिक्कत आ जाती है। कंपनी तो एक साल तक की लाइफ बताती है। इसे बदलवाने में ही 3 हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। आरओ की हालत देखकर डर जाता हूं। मशीन का यह हाल है, अगर पी लिया तो क्या होगा? बच्चे मुंह धोते समय गलती से अगर पी लेते हैं तो भी उल्टी-दस्त की समस्या हो जाती है। यह दर्द सेक्टर-78 की अंतरिक्ष सोसायटी में रहने वाले सुनील का है। सुनील की तरह ही खारे पानी की समस्या से अन्य लोग भी परेशान हैं।

खारे पानी की वजह से लोगों में बाल झड़ने, स्किन प्रॉब्लम, पेट की बीमारियां आदि भी हो रही हैं। इससे बचने के लिए कुछ सोसायटियों में वॉटर सॉफ्टनर प्लांट लगे हैं, लेकिन इससे भी बात नहीं बन रही। हर दूसरे महीने में लोगों को पीने के पानी के लिए आरओ का मेम्ब्रेन बदलवाना पड़ रहा। कई लोगों ने तो पानी की बोतल ही मंगवानी शुरू कर दी है, क्योंकि इतनी जल्दी आरओ की सर्विस करवाना महंगा पड़ता है। कुछ लोगों को तो पता ही नहीं होता कि वे कितने टीडीएस का पानी पी रहे हैं। शहर में सप्लाई हो रहे पानी का टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड (TDS) कभी-कभी 2000 पार्ट्स प्रति मिलियन (PPM) तक पहुंच जाता है। हालांकि अधिकारी बताते हैं कि ऐसा गंगा वॉटर सप्लाई बंद होने के बाद ही होता है।

पीने का पानी ऐसा होना चाहिए
जनरल फिजिशियन डॉ. नमन शर्मा ने बताया कि पीने के पानी का टीडीएस 75 से कम नहीं होना चाहिए। इससे कम टीडीएस वाला पानी पीने से हड्डियां कमजोर होती हैं और शरीर को जरूरी मिनरल्स नहीं मिल पाते। 150 से ज्यादा टीडीएस वाला पानी पीने के लिए खतरनाक हो जाता है। इससे पथरी होने का खतरा होता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉ. साक्षी श्रीवास्तव (डर्मेटोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट, जेपी अस्पताल) बताती हैं, ‘मेरे पास रोजाना 40 में से लगभग 15 से 20 ऐसे मामले आते हैं, जिनमें लोगों को खराब पानी की वजह से बाल झड़ने और ड्राई स्किन की समस्या होना पता चलता है। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील होती है, उनमें भी इंफेक्शन की समस्या देखने को मिलती है।’

चीयर्स डेस्क 

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