एक बोतल पानी को तरस रहे लोग

पटना में भारी बारिश के बाद अभी भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।  ड्रेनेज सिस्टम चरमरा गया है, ऐसे में सबसे बड़ा संकट पीने के पानी का पैदा हो गया है। पानी की राशनिंग की जा रही है, पटना सिटी से लेकर कंकड़ बाग़ और राजेन्द्र नगर तक, हर जगह पानी के लिए लोग फरियाद करते नजर आ रहे हैं।  सरकारी सिस्टम बुरी तरह से फेल हो चुका है।  नाम मात्र सहायात मिल पा रही है, ऐसे में स्वयं सेवी संस्थाओं ने आगे बढ़ कर मदद का बीड़ा उठाया है। सबसे पहले पीने वाले पानी की सप्लाई को ध्यान में रखते हुए इन संस्थाओं ने अभी फ़िलहाल प्रति व्यक्ति एक प्लास्टिक की बोतल पानी उपलब्ध कराया है।

कंकड़ बाग के विनोद का कहना है कि एक बोतल पानी चौबीस घंटे के लिए पर्याप्त नहीं है। आलम ये है कि पटना सिटी के शमशेर अपने घर के हर सदस्य के लिए एक बोतल पानी लाना चाहते हैं लेकिन उन्हें नहीं मिल रहा है। गौरतलब है कि पटना के अधिकांश हिस्सों में चार से पांच फिट पानी भर गया था जिससे वाटर सप्लाई लगभग बंद हो गई है।  जिन स्थानों पर पानी की सप्लाई शुरु भी हुई है वहां का पानी पीने लायक नहीं है।  गंदा बदबूदार पानी आ रहा है, ऐसे में प्लास्टिक बोतल बंद पानी ही एकमात्र विकल्प है और हर तरफ इसी की मांग है।

बोतल बंद पानी की सप्लाई में भी समस्या इसलिए आ रही है कि पटना लम्बाई में गंगा किनारे किनारे बसा है, उपरकी और निचलकी दो सड़कों के सहारे पटना की आवागमन व्यवस्था बारिश के पानी के कारण चौपट हो चुकी है। पटना यूनिवर्सिटी के सामने वाले क्षेत्र में जो एरिया खुला बचा है उसी स्थान से राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।

चीयर्स डेस्क

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