इस विश्वविद्यालय में छात्र छात्राएं टैंकरों का पानी पीने को मजबूर

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय किशनगढ़ लम्बे समय से पेयजल की परेशानी (Water Crises) से जूझ रहा है। कारण वहां जलदाय विभाग की ओर से अब तक पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। इसके चलते विवि. के छात्र छात्राएं टैंकरों का पानी पीने को मजबूर हैं।

नगर के मसाणिया बालाजी पंप हाउस से बांदरसिंदरी स्थित राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय तक बिछाई जाने वाली पेयजल लाइन का काम वर्तमान में रूक गया है। हाइवे अथॉरिटी और वन विभाग की आपत्ति के कारण यह काम रूका है। वहीं जलदाय विभाग इन आपत्तियों को दूर करने में जुटा है। जलदाय विभाग की ओर से नगर के मसाणिया बालाजी पंप हाउस से राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय तक बिछाई जाने वाली पेयजल लाइन के अंतर्गत अभी तक 8.5 किलोमीटर पेयजल लाइन का कार्य हो चुका है। अब हाइवे अथॉरिटी के पास रोड क्रासिंग का पैसा जमा करवाया जा चुका है। वहां से एनओसी मिलने का इंतजार है। वहीं वन विभाग की आपत्ति को देखते हुए भी जलदाय विभाग को जवाब देना है। यह आपत्ति दूर होने पर कार्य तेजी से पूरा हो सकेगा।

वर्तमान में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय तक टैंकरों से जलापूर्ति होती है। जलदाय विभाग के मसाणिया बालाजी पंप हाउस से बड़े टैंकर पेयजल भरकर विश्वविद्यालय जाते है। इसके अलावा निजी टैंकरों से भी विश्वविद्यालय में पानी की आपूर्ति होती है। दूर होगी पानी की समस्या राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय तक इस पाइप लाइन के बिछाए जाने के बाद यहां पूरी क्षमता के साथ पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी। इससे विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल की समस्या समाप्त हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों और स्टॉफ सदस्यों को राहत मिलेगी। जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता एस.एल. जीनगर का कहना है कि अभी तक 8.5 किलोमीटर पाइप लाइन का कार्य पूरा किया जा चुका है। हाइवे अॅथारिटी में पैसा जमा करवाया जा चुका है। वन विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है।

चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close