इस कुएं का पानी पीने से होता है कुछ ऐसा …

एक भारत ही ऐसा देश है जहाँ आपको जबरदस्त विरोधाभास नज़र आएगा, एक ओर जहां भारत अपने अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के एक गांव में लोग मानते हैं कि गांव के कुएं का पानी पीने से जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं।

दोद्दिगुंटा एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी लगभग 4500 है। यह गांव आंध्र प्रदेश राज्य के पूर्वी गोदावरी ज़िले के रंगमपेटा मंडल के तहत आता है। यहां के लोगों की जीविका का मुख्य साधन कृषि है, गांव में सिर्फ़ एक हाईस्कूल है, ज़्यादातर लोग खेतीबाड़ी के काम में ही व्यस्त रहते हैं।  छोटा सा ये गांव उस वक़्त चर्चा में आ गया जब एक निजी टेलीविज़न चैनल में दिखाया गया कि इस गांव में मौजूद एक ख़ास कुएं का पानी पीने से जुड़वां बच्चों का जन्म होता है।

अभी हाल के समय तक यही कुआं गांव वालों के लिए पीने के पानी का प्रमुख स्त्रोत था। गांव पंचायत की तरफ़ से कुछ वक़्त पहले ही गांव वालों के घरों में पानी की सप्लाई के लिए नल भी लगवाए थे। अगर कोई इस गांव में घूमे तो उसे बहुत से जुड़वां बच्चे सड़कों पर खेलते-घूमते दिख जाएंगे। हालांकि गांव में कितने जुड़वां लोग हैं इस बात का कोई आधिकारिक आंकड़ा तो मौजूद नहीं है।

अदापा वेंकटेश इस गांव के सरपंच हैं, उन्होंने बताया कि इस गांव में लगभग 110 जुड़वां हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुएं के पानी की वजह से गांव में इतने अधिक जुड़वां हैं, “आप हमारे घर में विभिन्न आयु वर्ग के जुड़वां देख सकते हैं और इस ख़ासियत की वजह से हमारा गांव मशहूर हो गया है। “

कैसे शुरू हुआ ये सब ?

क़रीब 15 साल पहले एक टीचर यहां जनगणना के लिए आंकड़े जमा करने आए थे और वो हर घर में जुड़वां को देखकर भौचक्के रह गए थे। बाद में उनका इसी गांव में तबादला हो गया. जब उनकी पत्नी ने बच्चों को यहां जन्म दिया तो वो भी जुड़वां ही थे। उन्होंने ही यह ख़बर स्थानीय मीडिया को दी कि उनकी पत्नी ने कुएं का पानी पिया था जिस वजह से उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है। और बस यहीं से हमारे गांव का नाम सुर्ख़ियों में आ गया। अब तो आलम ये है कि सिर्फ़ इसी गांव के नहीं बल्कि दूसरे गांवों और ज़िलों से भी लोग यहां के कुएं का पानी लेने आते हैं।

चीयर्स डेस्क 

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