इमरजेंसी डॉक्टर को शराब के नशे में होश नहीं, मरीज बेहोश

बरेली के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। रात में इमरजेंसी ड्यूटी पर पहुंचे डॉक्टर नशे में थे। उन्होंने शराब के नशे में हंगामा किया और मरीज नहीं देखे। पहले तो स्टाफ ने मामला छिपाने की कोशिश की लेकिन मरीजों के साथ आए तीमारदार भड़क गए। तीमारदारों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर सीएमएस मौके पर पहुंचे और तत्काल दूसरे डॉक्टर को इमरजेंसी ड्यूटी पर बुलाया। लोगों का आरोप है कि कई घंटे मरीज इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा और इलाज तक नहीं शुरू हुआ।

बुधवार की रात जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तीन घायल पहुंचे। घायलों के साथ आए तीमारदारों का कहना है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मरीजों को नहीं देखा। जब इसकी शिकायत करने तीमारदार इमरजेंसी रूम में गए तो पता चला कि डॉक्टर ने शराब पी रखी थी और वह नशे में थे। तीमारदारों की डॉक्टर से बहस होने लगी। इसी बीच वहां स्टाफ जुट गया। स्टाफ ने डॉक्टर को समझाने की कोशिश की। इस पर डाक्टर भड़क गया और झगड़ने लगा। नाराज होकर स्टाफ इमरजेंसी के बाहर आ गया। गुस्साए तीमारदारों ने इमरजेंसी में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सीएमएस डॉ टीएस आर्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और स्टाफ से बातचीत की। डॉक्टर के नशे में होने की वजह से तत्काल इमरजेंसी ड्यूटी के लिए डॉक्टर कमल को बुलाया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। सीएमएस डॉक्टर टीएस आर्य ने बताया कि इमरजेंसी ड्यूटी पर जो डाक्टर थे, वह नशे में मिले हैं। इस मामले में कार्यवाही की जा रही हैं। मरीजों को देखने के लिए दूसरे डॉक्टर को इमरजेंसी में बुलाया गया है।

निरीक्षण में मिली थी बीयर की बोतलें

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहले भी शराब को लेकर विवाद हो चुका है। कुछ दिन पहले सीएमएस ने रात में अचानक इमरजेंसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में बीयर की कई बोतलें मिली थी। हालांकि उस समय मामला दबा दिया गया था। स्टाफ का कहना था कि बीयर की बोतल मरीजों के साथ आए तीमारदार लेकर आए थे। बुधवार को हुई घटना से आशंका है कि बीयर की बोतलें भी अस्पताल के डॉक्टर या स्टाफ की थी।

चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close