आर्सेनिक रिमूवल यूनिट से श॒द्ध होगा जहरीला पानी

यूपी के बरेली जनपद में जल निगम द्वारा मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक के 25 गांवों के हैंड पम्पों के पानी की जांच में आर्सेनिक निकला। इन गांवों के लोगों की जिंदगी बचाने को जल निगम 374 लाख रुपये की लागत से एआरयू ( आर्सेनिक रिमूवल यूनिट) लगायेगा। इस यूनिट से नदी, नहरों तक का पानी शुद्ध बनाकर सप्लाई किया जाएगा। उपयुक्त जमीन मिलने पर गांवों में ओवरहेड टैंक को निर्माण होगा। जल निगम ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। शासन से अनुमोदन मिलने पर विधायक निधि से जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।

मीरगंज तहसील क्षेत्र के बहरोली सहित दर्जनों गांव कैंसर से प्रभावित हैं। विधायक द्वारा गत दिनों इस मामले को विधान सभा की याचिका समिति में लगाने  पर नींद से जागे जल निगम ने मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक के 25 गांवों के सरकारी हैंड पम्पों के पानी के सैंपल लेकर लखनऊ स्थित लैब में जांच कराई थी। जांच में हैंड पम्पों का पानी अर्सेनिक निकला। पुष्टि होने पर जल निगम ने इन गांवों के ग्रामीणों की जिंदगी बचाने को गंभीरता से कार्रवाई शुरू की।  केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी इस संबंध में मुख्यमंत्री व जलशक्त मंत्री को पत्र लिखे थे।

आर्सेनिक से जहरीला है इन गांवों का पानी

बहरोली, गोरा लोकनाथपुर, हेमराजपुर, मोहम्मदगंज, सिरौधी, अंगदपुर, अम्बरपुर, गुलड़िया, सिमरिया, मीरापुर, भैरपुरा, कपूरपुर, रम्पुरा, समसपुर, करौरा, असदगनर, गुलड़िया, दिवना आदि।

जमीन का सर्वे कर रही जल निगम

जल निगम इन गांवों में 207 एआरयू लगायेगी। इन पर 373 .68 लाख रुपयों की धनराशि खर्च होगी। जल निगम ने गत दिनों 25  गांवों में यूनिट लगाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया। जल निगम इन गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति को ओवरहैड टैंकों का निर्माण करायेगा। इन गांवों में कितने ओवरहैड टैंक बनेंगे, इसको लेकर अभी सर्वे किया जा रहा है।

500 की आबादी पर एक एआर्यू

एक आर्सैनिक रिम्यूवल यूनिट से 500 ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलेगा। जेई ने बताया यूनिट को पानी की बोरिंग से जोड़ा जाएगा जिसके बाद जमीन से आ रहा पानी यूनिट से शुद्ध होकर सप्लाई किया जा सकेगा।

जमीन की तलाश जारी

काशीनाथपुर सहित नौ गांवों का सर्वे पूरा कर चुकी है। कहां जमीन उपलब्ध है और कहां नहीं यह देखा जा रहा है | जहां जमीन नहीं उपलब्ध है वहां जमीन खरीदने का भी विचार किया जा रहा है । शहरी क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 435 लीटर नगरीय क्षेत्र में 99 लीटर और ग्रामीण क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी की डिमांड होती है | जनसंख्या के आधार पर तय होगा कि टैंक एक गांव में पानी आपूर्ति करेगा अथवा कई गांवों में |

नदियों का पानी होगा घरों में सप्लाई

जल निगम की योजना है कि भूगर्भ जल का संरक्षण भी हो जाए और ग्रामीणों को पानी भी उपलब्ध हो। ऐसे में नदी और नहर से भी पानी लेकर उसे शुद्ध करके सप्लाई किया जाएगा। जल निगम अधिकारी जल सरेतों के बारे में संबंधित विभाग से बात करेंगे।

चीयर्स डेस्क 

loading...
Close
Close