आजमगढ़ में बीयर की दुकान पर 40 हजार का जुर्माना

आजमगढ़ में बीयर की दुकान पर 40 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है। होली के दिन बंदी का आदेश होने के बाद भी ये दुकान खुली हुई थी और दुकान खुली रहनेे के कारण दो समुदायों केे बीच साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बनी। इस साम्प्रदायिक तनाव को प्रशासन ने किसी तरह से संभाल तो लिया मगर इसकी गाज बीयर की दुकान पर गिरी है। हुआ ये था कि तनाव होने के बाद बरदह थाने पर इसकी एनसीआर दर्ज की गई थी।

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इस मामले मेें जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष बरदह से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में थानाध्यक्ष बरदह ने बंदी के आदेश के समय दुकान के खुली रहने और दुकान खुली होने की वजह से ही विवाद होने की पुष्टि कर दी। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष बरदह की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच जिला आबकारी अधिकारी को सौंपी थी। जिला आबकारी अधिकारी ने भी थानाध्यक्ष बरदह की रिपोर्ट को क्लीनचिट दे दी। ऐसे में जिलाधिकारी ने बीयर की दुकान पर 40 हजार रूपये का जुर्माना ठोंका है।

क्या था पूरा मामला

होली के दिन सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक जिले की सभी सरकारी देशी, विदेशी शराब, बीयर व भांग, ताड़ी की लाइसेन्सी दुकानों को बन्द करने का आदेश जिलाधिकारी की ओर से दिया गया था। इसके बावजूद बरदह थाना क्षेत्र के जिवली स्थित बीयर की दुकान खुलेआम खोली गई थी। दुकान खोलकर मंहगे दामों पर बीयर बेचा जा रही थी। भीड़ अधिक होेने तथा अधिक दाम पर बीयर बेचे जाने को लेकर दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति की बीयर दुकान के सेल्समैन से कहा-सुनी हुई। इसे लेकर बीयर दुकान के सेल्समैन के समुदाय का एक व्यक्ति उसके पक्ष में खड़ा हो गया। देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ लिया और विवाद दो समुदायों का हो गया। दोनों समुदायों के बीच जमकर मारपीट हुई।

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फिलहाल सूचना पाकर मुकामी पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों को जमकर पीटा। साथ ही मुकदमा पंजीकृत कर दोनों ओर से कुछ लोगों को हिरासत में लिया। दो समुदायों के बीच विवाद की यह आग कई दिनों तक सुलगती रही। किसी तरह से दोनों समुदायों के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने बीच बचाव करके मामले को शांत कराया। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और अब जाकर कार्रवाई की गई है।

कहां है बीयर की यह दुकान

बीयर की यह दुकान बरदह थाना क्षेत्र के जिवली बाजार में है। जिवली बाजार आजमगढ़ जिले के बार्डर पर स्थित है। जहां यह दुकान है, उसके पचास मीटर बाद से जौनपुर जिला शुरू हो जाता है। आजमगढ़ जिले का जिवली बाजार और जौनपुर जिले का गौैरा बादशाहपुर एकदम सटा हुआ है। यही वजह रही कि होली की बंदी में इस बीयर की दुकान के खुला रहने के कारण दोनों जिलों के ग्राहकों की भारी भीड़ लग गयी औैर यह विवाद हुआ।

हर बंदी में हर जगह मिलती है शराब व बीयर

ऐसा नहीं है कि बंदी के दिन शराब व बीयर नहीं मिलती है। हर बंदी को अधिकांश लाइसेन्सी शराब व बीयर की दुकान का चैनल बंद करके उसके अंदर से बेचा जाता है। कुछ दुकानदार आस-पास के घरों व दुकानों में पहले से अपना स्टाक जमा कर लेते हैं और वहीं से बेचते हैं। हर बंदी के दिन दस, बीस, पचास रूपये बढ़ाकर वसूला जाता है।

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यह सारा खेल पुलिस व आबकारी महकमे की मिलीभगत से होता है और बंदी के दिन शराब व बीयर बेचने के लिए मुकामी पुलिस व आबकारी महकमें की आवाभगत करनी होती है। होली के दिन भी सभी इसी तरह सेे कर रहे थे। जिवली के इस बीयर दुकानदार ने जरा अतिरिक्त यह कर दिया था कि उसने रोज की तरह से खुलेआम दुकान खोल दी थी। इसी कारण सेे अराजकता की स्थिति उत्पन्न हुई।

फिर भी प्रशासन ने किया बचाव

बंदी के आदेेश के बावजूद होली के दिन खुलेआम दुकान खोलकर बीयर बेचने के लिए जिवली के बीयर की दुकान पर जिला प्रशासन की ओर भले ही 40 हजार रूपये का जुर्माना ठोंक दिया गया है मगर उसका बचाव भी किया गया है। आबकारी एक्ट के अनुसार बंदी के दौरान दुकान खुली पाये जाने पर लाइसेन्स निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है मगर चूंकि यह सारा खेल प्रशासनिक मिलीभगत से होता है, इसलिए उसका बचाव किया गया। इतना बवाल होने के बाद यह छोटी सी कार्रवाई होना तो स्वाभाविक सी बात है।

आजमगढ़ से संदीप अस्थाना

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