दो हफ्तों से नहीं है पीने का पानी

पटना के श्री गुरु गोविद सिंह अस्पताल को सदर अस्पताल का दर्जा देकर स्वास्थ्य विभाग भूल गया है। यहां की व्यवस्था सुधरने के बजाय दिनों दिन बिगड़ती ही जा रही है। बारिश के पानी में जलमग्न हुए अस्पताल परिसर से पानी निकालने के लिए जेसीबी द्वारा नाला खोदने के दौरान पेयजल आपूर्ति की पाइप टूट गई। नतीजा यह है कि पिछले 14 दिनों से अस्पताल में एक बूंद पानी नहीं है। बिना पानी के मरीजों का ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। आने वाले सभी मरीजों को रेफर किया जा रहा है।

100 बेड वाले इस अस्पताल की इमरजेंसी में  तीन और जेनरल वार्ड में एक मरीज ही भर्ती थे। पीने के पानी के लिए अस्पताल व कर्मचारी क्वार्टर में हाहाकार मचा है। यहां की चिकित्सकीय व्यवस्था एवं सेवा पूरी तरह चरमराई हुई है। अस्पताल प्रबंधक शब्बीर खान ने बताया कि सर्जन डॉ. आरिफ अब्दुल्लाह ने बाहर से पानी मंगा कर तीन ऑपरेशन किया। यह ऑपरेशन लंबे समय के बाद हुआ है।

प्रसूति के लिए अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती को एनएमसीएच रेफर किया जा रहा है। अस्पताल, नर्सिग व स्टाफ क्वार्टर में पीने तक का पानी नहीं है। कर्मियों ने बताया कि अस्पताल की पानी टंकी में पानी पहुंचाने वाली मोटर खराब हो गई थी। यह ठीक होने के बाद पता चला कि अस्पताल परिसर से जमा पानी निकालने के लिए जमीन खोदने के दौरान पानी की मेन पाइप ही जेसीबी से टूट गई है। हाथ धोने, शौचालय जाने तक के लिए पानी नहीं है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो कई डॉक्टरों एवं कर्मियों ने इस समस्या से परेशान होकर अस्पताल आना ही छोड़ दिया है। अस्पताल की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. आरआर. चौधरी ने बताया कि केवल ओपीडी और इमरजेंसी चल रही है। बिना पानी के ऑपरेशन कैसे होगा। मरीज, परिजन, कर्मी, नर्स, डॉक्टर सभी पानी के लिए परेशान हैं। अस्पताल की सफाई तक नहीं हो पा रही है। निगम से दो वाटर टैंकर मंगाया गया है। टैंकर के पानी से किसी तरह हाथ धोकर गायनी में काम किया जा रहा है।

चीयर्स डेस्क 

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