शिमला में साफ किया जाएगा अश्वनी खड्ड का पानी

अभी चेन्नई में हुए पेयजल संकट को ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब वहां रेलगाड़ियों से पानी की आपूर्ति की गई थी और लोग शिमला के पेयजल संकट को भी नहीं भूले हैं जब पिछले पर्यटक सीज़न में पूरे शिमला में लोग पानी को तरस गए थे। लेकिन अब शिमला की पानी की समस्या को सुधारने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। शिमला में पानी की समस्या के समाधान के लिए हर स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार के साथ ही कुछ स्वयं सेवी संस्थाएं और एनजीओ भी इसके लिए काम कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने पिछले दिनों शिमला शहर के लिए विभिन्न जल स्रोतों से जल आपूर्ति के सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। तय किया गया कि अश्वनी खड्ड जल स्रोत में कीटाणुओं को मारने के लिए अल्ट्रा वॉयलट तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इस तकनीक से पानी का साफ कर पीने योग्य बनाया जाएगा। इसके अलावा शिमला शहर में नौ अतिरिक्त जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया जाएगा। इनमें 17 एमएलडी अतिरिक्त पानी का भंडारण किया जा सकेगा।

अश्वनी खड्ड का पानी

जगह जगह पानी का रिसाव भी शिमला में पानी की समस्या को बढ़ाने का एक बड़ा कारण माना गया है। बैठक में तय किया गया कि रिसाव रोकने तथा क्रैगनेनों से ढली के बीच सात किलोमीटर लंबी मुख्य जलापूर्ति लाईन को बदलने के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाएगा। इसके अलावा गुम्मा, अश्वनी तथा गिरि नदी जहां से शहर के लिये पानी की आपूर्ति की जा रही है उसकी क्षमता में वृद्धि करके शिमला के लिए 10 एमएलडी से अधिक अतिरिक्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस बैठक में यह भी तय किया गया कि अश्वनी खड्ड क्षेत्र में और अधिक ट्यूबवेल स्थापित करने की संभावना का पता लगाया जाएगा तथा गुम्मा और गिरी जल स्रोतों को आने वाले पानी पर चैक डैमों का निर्माण किया जाएगा और हर तरह के प्रयास कर शिमला में पानी की समस्या का समाधान किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि पानी की समस्या को जल्दी ही निपटा कर इसका प्रचार भी किया जाएगा ताकि यहां पर आने वाले सैलानियों की संख्या कम न होने पाए। पिछले सीज़न में पानी की समस्या के कारण इस बार सैलानियों के आने की संख्या प्रभावित होने की संभावना व्यक्त की गई थी।

चियर्स डेस्क


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