अब देशी शराब में लीजिए अंग्रेजी का मजा

अंग्रेजी शराब की कीमताें के लगातार बढ़ने से हाे रहे राजस्व घाटे की पूर्ति करने के लिए राजस्थान सरकार ने ताेड़ निकाला है। इसके लिए अब राजस्थान में बनी देशी शराब काे अंग्रेजी शराब की तरह तैयार कर बेचा जाएगा। यह रंग-रूप और स्वाद में बिल्कुल अंग्रेजी शराब की तरह हाेगी, लेकिन उसकी कीमत कम रहेगी। राज्य सरकार अंग्रेजी शराब की कीमताें में हर साल बढ़ाेतरी करती है। पिछले साल भी अंग्रेजी शराब की कीमताें में चार बार बढ़ाेतरी की गई थी जिससे भारत निर्मित विदेशी शराब के उठाव में कमी हुई और सरकार काे कम राजस्व मिला।

आबकारी विभाग अब राजस्थान निर्मित शराब (आरएमएल) काे अंग्रेजी शराब के रंग और स्वाद में बेचेगा। यह देशी शराब दिखने और स्वाद में ही व्हिस्की, जिन और रम की तरह नहीं हाेगी, बल्कि तेजी भी बिल्कुल उन्हीं की तरह हाेगी। उपभोक्ताओं काे कम कीमत में अंग्रेजी शराब के जैसी ही देशी शराब मिलेगी। पूर्व में देशी शराब सामान्य थी जिसमें ना काेई रंग था और ना ही काेई फ्लेवर।

आएगा अंग्रेजी शराब का स्वाद

अंग्रेजी की तरह बनने वाली देशी शराब, मतलब आरएमएल में एल्काेहल की मात्रा बढ़ जाएगी। इससे शराब की तेजी अंग्रेजी शराब के बराबर पहुंच जाएगी। पूर्व में देशी शराब 40 और 50 प्रतिशत अंडर प्रूफ हाेती थी जिसमें एल्काेहल कम हाेता था।आरएमएल में 25 यूपी हाेगी जाे ज्यादा एल्काेहल के कारण बिल्कुल अंग्रेजी शराब की तरह हाेगी।

कीमत भी रहेगी कम

राज्य सरकार ने दूसरे राज्याें की तरह ही अपने यहां निर्मित देशी शराब काे भारत निर्मित विदेशी शराब की तरह बनाकर बेचने का निर्णय लिया है। पंजाब, हरियाणा, एमपी, यूपी, कर्नाटक राज्याें में इसी तरह देशी शराब काे अंग्रेजी की तरह तैयार कर बेचा जाता है। माना जा रहा है कि अंग्रेजी शराब की तरह हाेने के बावजूद उससे कम कीमत हाेने के कारण यह शराब ज्यादा बिकेगी।

चीयर्स डेस्क 

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