बोतल लाइए और मुफ्त यात्रा करिये

कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम ने 3 अक्टूबर से अपने सभी बसों के यात्रियों को प्लास्टिक की पानी की बोतलें देना बंद कर दिया है। इसके बजाय निगम ने एक पहल शुरू की है – ब्रिंग योर ओन बॉटल (BYOB) । अधिकारियों ने कहा कि केएसआरटीसी को यह विचार आया क्योंकि उसे हर महीने 1.20 करोड़ से अधिक पानी की बोतलों का निपटारा है । केएसआरटीसी ने महात्मा गांधीजी की 150 वीं जयंती के अवसर पर यह घोषणा की कि इसका उद्देश्य प्लास्टिक के दैनिक उपयोग को कम करना और सबसे बड़े बस स्टेशन- केम्पेगौड़ा में कचरे का प्रभावी संग्रह और निपटारा करना है।

निगम ने पर्यावरणविदों और जन प्रतिनिधियों के इस बाबत चर्चा की । केएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक शिवयोगी सी कालसाद ने कहा कि केएसआरटीसी 3 अक्टूबर से प्रतिष्ठित नाइट बस सेवा में प्लास्टिक की बोतलें देना बंद कर देगी। कलसाद ने कहा, “वर्तमान में केएसआरटीसी अपने 8,800 बसों के बेड़े में से 300 प्रतिष्ठित सेवाओं में पानी की बोतलें प्रदान कर रहा है। कर्नाटक के सभी तीन निगम 450 बसों में पानी की बोतलें प्रदान करते रहे हैं, जिसके कारण केएसआरटीसी को हर महीने 1.20 करोड़ पानी की बोतलों का निपटारा करना पद रहा है। ”इस जानकारी को जनता तक पहुंचाने BYOB के कॉन्सेप्ट को ऑनलाइन टिकटों पर प्रिंट किया जाएगा , साथ ही वेबसाइट और अन्य सभी सोशल मीडिया चैनलों पर प्रकाशित किया जाएगा।

इस बढ़ावा देने के लिए, निगम ने ‘सेल्फी विद योर बॉटल कॉन्टेस्ट ’ की शुरुआत की है ताकि यात्री अपनी तस्वीरों को ऑनलाइन पोस्ट कर सकें। केएसआरटीसी इस पहल को बढ़ावा देने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को एक रूट पर प्रीमियम बसों में मुफ्त यात्रा से सम्मानित किया जाएगा। इसी तर्ज पर, निगम ने प्रीमियम बसों में कचरा बैग पेश किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसे सबसे पहले प्रीमियम बसों में चलाया जाएगा और बाद में सभी केएसआरटीसी की बसों में इसे लागू किया जाएगा।

चीयर्स डेस्क

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